
मैसूरु. साध्वी सुधाकंवर आदि ठाणा- 5 बंडीपुर से पदयात्रा कर नंगावत फॉर्म हाऊस पहुंचे। साध्वी ने बताया कि वस्तु में मंगल और अमंगल की कल्पना करना, अच्छा को बुरा बताना अज्ञानता का प्रतीक है। विचारों में मंगल भाव है तो अमंगल भी मंगल के रूप में परिवर्तित हो जाएगा। विचार मालिन्य है तो मंगल भी अमंगल हो जाएगा।
उन्होंने कहा कि अमंगल को भी मंगल करने की क्षमता धर्म और साधना में है। मंत्र और प्रभु का नाम लेकर, गुरु का आशीर्वाद लेकर कैसे भी समय किसी भी काम के लिए निकल जाओ, पीछे मुड़कर देखने की आवश्यकता नहीं है।
विहार सेवा में गुंडलपेट से गौतम बाबेल,पवन नंगावत, दिलीप पिरगल, आनद गन्ना, सुमित श्रीश्रीमाल,संगीता गन्ना उपस्थित रहे।
Published on:
16 May 2024 06:18 pm

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