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शिक्षण मानकों को पूरा नहीं करने वाले पैरामेडिकल कॉलेजों को बंद करने के निर्देश

दस से अधिक कॉलेजों पर पैरामेडिकल बोर्ड की मंजूरी के बिना छात्रों को अवैध रूप से अन्य संस्थानों में स्थानांतरित करने के आरोप हैं। कई संस्थान अपने नामांकित पाठ्यक्रमों के लिए आवश्यक शिक्षण और प्रशिक्षण प्रदान करने में भी विफल रहे हैं।
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गुणवत्ता मानदंडों को पूरा करने में विफल रहने वाले पैरामेडिकल कॉलेजों Paramedical Colleges पर सरकार की गाज गिरी है। चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. शरण प्रकाश पाटिल ने गुरुवार को अधिकारियों को उन संस्थानों की संबद्धता रद्द करने और उन्हें बंद करने के निर्देश दिए, जो बुनियादी ढांचे और शिक्षण मानकों को पूरा नहीं करते हैं।

यह कदम राज्य पैरामेडिकल बोर्ड State Paramedical Board की समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों द्वारा कई निजी कॉलेजों में गंभीर खामियों को उजागर करने वाली रिपोर्ट के बाद उठाया गया है। नियामक कार्रवाई से प्रभावित छात्रों को बेहतर संस्थानों में स्थानांतरित किया जाएगा।अधिकारियों ने मंत्री को बताया कि इनमें ऐसे कॉलेज शामिल हैं जो अपर्याप्त सुविधाओं के साथ तंग जगहों पर चल रहे हैं। एक संस्थान में सैकड़ों छात्रों के लिए सिर्फ एक माइक्रोस्कोप है जबकि दूसरा उचित प्रकाश व्यवस्था के बिना चल रहा है।

राज्य के 566 पैरामेडिकल कॉलेजों में से 529 निजी हैं। दस से अधिक कॉलेजों पर पैरामेडिकल बोर्ड की मंजूरी के बिना छात्रों को अवैध रूप से अन्य संस्थानों में स्थानांतरित करने के आरोप हैं। कई संस्थान अपने नामांकित पाठ्यक्रमों के लिए आवश्यक शिक्षण और प्रशिक्षण प्रदान करने में भी विफल रहे हैं।