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साधु पुरुषों का परिचय पापनाश का कारण-साध्वी भव्यगुणाश्री

धर्मसभा का आयोजन

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साधु पुरुषों का परिचय पापनाश का कारण-साध्वी भव्यगुणाश्री

साधु पुरुषों का परिचय पापनाश का कारण-साध्वी भव्यगुणाश्री



बेंगलूरु. लक्खनहल्ली स्थित कानूंगा फार्म हाउस में विराजित साध्वी भव्यगुणाश्री व साध्वी शीतलगुणाश्री ने कहा कि साधु पुरुषों का परिचय जन्म-जन्म के पापों का नाश करता है। चित्त को शुद्ध बनाता है। भक्त कवि तुलसीदास की यह पंक्ति तुलसी संगत साधु की, कटे कोटि अपराध, कितनी मार्मिक है। आनन्दघन तो कह रहे हैं, साधु पुरुषों का परिचय पापनाश और चित्तशुद्धि, इन दो महान उपलब्धियों का प्रमुख कारण है। ऐसी दुर्लभ उपलब्धियां कराने वाले गुरुजनों के प्रति अखंड प्रांतर बहुमान बना रहे तो जन्मांतर में परमगुरु (परमात्मा) की प्राप्ति भी हो जाती है। गुरु बहुमान परमगुरु की प्राप्ति का बीज है। गुरुबहुमान से ऐसी पुण्य संपत्ति मिलती है और उस पुण्य संपत्ति के बल पर मनुष्य सर्वज्ञ परमात्मा का परिचय पा सकता है। वह परिचय सफल बन जाता है। मोक्ष की प्राप्ति में सहायक सिद्ध होता है। परम सुख और परम आनन्द की प्राप्ति करवाता है। सुनीलकुमार कुंकुंलोल ने बताया कि साध्वी धर्मशी रिसोर्ट से विहार करके अरुणा बेन, भरत कुमार फतेहराज कानूंगा फार्म हाउस पहुंची हैं। कानूंगा परिवार ने अक्षत से बधाकर साध्वीवृन्द का स्वागत अभिनन्दन किया। विहार सेवा में विनोद भंसाली, चेतनप्रकाश झारमूथा, विनोद बंबोरी, राकेश दांतेवाडिय़ा, दिनेश छाजेड़, पंकज गांधी, अंकेश, भरत कुमार कानुंगा, अरुणा कानूंगा, नीपा बेन, सोनल ने लाभ लिया।