
बेंगलूरु. चांद, मंगल और सूरज के बाद भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) अब सबसे जटिल और चुनौतीपूर्ण मिशन को अंजाम देने की तैयारी में जुटा है। इसरो 2025 में देश के पहले मानव युक्त अंतरिक्ष मिशन- गगनयान के तहत अंतरिक्ष यात्रियों को पृथ्वी की निचली कक्षा में भेजने की तैयारी कर रहा है। गगनयान मिशन के साथ भारत दुनिया के उन चुनिंदा अंतरिक्ष शक्ति संपन्न देशों में शामिल हो जाएगा जिनके पास मानव को बाहरी अंतरिक्ष में भेजने और वापस लाने की क्षमता है। मानव मिशन की घोषणा के बाद से अंतरिक्ष यात्रियों के चयन की लंबी प्रक्रिया और रूस व भारत में प्रशिक्षण के बीच काफी समय बीत चुका है। लेकिन, अंतरिक्ष यात्रियों के नामों पर संशय बना हुआ था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम में इसरो के विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र (वीएसएससी) के दौरे के दौरान अंतरिक्ष यात्रियों के नामों की घोषणा की। प्रधानमंत्री ने चारों अंतरिक्ष यात्रियों को एस्ट्रोनॉट विंग्स पहनाए। चारों वायुसेना के अनुभवी पायलट हैं।
गौरतलब है कि 1984 में रूसी मिशन के तहत अंतरिक्ष यात्रा पर जाने वाले कैप्टन राकेश शर्मा पहले भारतीय अंतरिक्ष यात्री थे।
1. ग्रुप कैप्टन प्रशांत बालकृष्णन नायर
ग्रुप कैप्टन प्रशांत बालकृष्णन नायर का जन्म 26 अगस्त 1976 को केरल के तिरुवज़ियाड में हुआ।
वे एनडीए के पूर्व छात्र हैं और उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए वायु सेना अकादमी में स्वोर्ड ऑफ ऑनर से सम्मानित किए जा चुके हैं। उन्हें 19 दिसंबर 1998 को भारतीय वायुसेना की फाइटर स्ट्रीम में कमीशन दिया गया था। वे एक कैट ए फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर और टेस्ट पायलट हैं। उनके पास लगभग 3000 घंटे की उड़ान का अनुभव है। उन्होंने सुखाई-30 एमकेआई, मिग-21, मिग-29, हॉक, डोर्नियर, एएन-32 आदि सहित विभिन्न प्रकार के एसी उड़ाए हैं। वे यूनाइटेड स्टेट्स स्टाफ कॉलेज, डीएसएससी, वेलिंगटन और एफआइएस, तांबरम के के पूर्व छात्र हैं। उन्होंने एक प्रमुख लड़ाकू विमान सुखाई-30 स्क्वाड्रन की कमान संभाली है।
2. ग्रुप कैप्टन अजीत कृष्णन
ग्रुप कैप्टन अजीत कृष्णन का जन्म 19 अप्रैल 1982 को तमिलनाडु के चेन्नई में हुआ। वे एनडीए के पूर्व छात्र हैं और वायु सेना अकादमी में राष्ट्रपति के स्वर्ण पदक और स्वोर्ड ऑफ ऑनर के प्राप्तकर्ता हैं। उन्हें 21 जून 2003 को भारतीय वायुसेना की फाइटर स्ट्रीम में कमीशन दिया गया था। वे फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर और टेस्ट पायलट हैं और उनके पास लगभग 2900 घंटे की उड़ान का अनुभव है। उन्होंने सुखाई-30 एमकेआई, मिग-21, मिग-29, जगुआर, डोर्नियर, एएन-32 आदि विमान उड़ा चुके हैं। वे डीएसएससी, वेलिंगटन के पूर्व छात्र भी हैं।
3. ग्रुप कैप्टन अंगद प्रताप
ग्रुप कैप्टन अंगद प्रताप का जन्म 17 जुलाई 1982 को उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में हुआ। वे एनडीए के पूर्व छात्र हैं और 18 दिसंबर 2004 को भारतीय वायुसेना की लड़ाकू शाखा में नियुक्त हुए थे। वह एक फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर और टेस्ट पायलट हैं और उनके पास लगभग 2000 घंटे की उड़ान का अनुभव है। उन्होंने सुखाई-30 एमकेआई, मिग-21, मिग-29, जगुआर, हॉक, डोर्नियर, एएन-32 आदि विमान उड़ाए हैं।
4. विंग कमांडर शुभांशु शुक्ला
विंग कमांडर शुभांशु शुक्ला का जन्म 10 अक्टूबर 1985 को उत्तर प्रदेश के लखनऊ में हुआ था। वे एनडीए के पूर्व छात्र हैं और उन्हें 17 जून 2006 को भारतीय वायुसेना की लड़ाकू शाखा में नियुक्त किया गया था। वे एक फाइटर कॉम्बैट लीडर और एक टेस्ट पायलट हैं, जिनके पास लगभग 2000 घंटे की उड़ान का अनुभव है। उन्होंने सुखाई-30 एमकेआई, मिग-21, मिग-29, जगुआर, हॉक, डोर्नियर, एएन-32 आदि विमान उड़ाए हैं।
Published on:
27 Feb 2024 07:07 pm
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