
बेंगलूरु. तुमकूरु जिले के प्रभारी मंत्री टीबी जयचंद्र को सोमवार सुबह सिरा में नागरिकों के विरोध के कारण चुनाव प्रचार किए बगैर लौटना पड़ा। जयचंद्र सोमवार सुबह कई समर्थकों और कार्यकर्ताओं के साथ चुनाव प्रचार के लिए अग्रहारहल्ली गांव गए लेकिन गांव के बाहर सड़क पर बड़े पत्थर रखे मिले। कार्यकर्ता पत्थर हटाने लगे तो उन पर पत्थरों की बारिश होने लगी।
कार्यकर्ताओं को समझ नहीं आया कि पत्थर कहां से फेंके जा रहे है। फिर पेड़ों से गांव के लोग उतरे और कार्यकर्ताओं से गांव आने का कारण पूछा। लोगों को जब पता चला कि जयचंद्र चुनाव प्रचार के लिए आए हंै तो उन्होंने इसका विरोध किया और नारे लगाए।
जयचंद्र ने नागरिकों को मनाने का प्रयास किया और कहा कि वे इस बार गांव को सड़क, पानी, रोशनी, स्कूल और बस सेवा प्रदान कराने का पूरा प्रयास करेंगे। लोगों ने उनकी एक नहीं सुनी और जयचंद्र से कहा कि बेहतर रहेगा वे वापस लौट जाएं। कोई अप्रिय घटना होने पर वे खुद जिम्मेदार होंगे। जयचंद्र को निराश होकर लौटना पड़ा।
गांव के लोगों ने पत्रकारों को बताया कि जयचंद्र ने पांच साल पहले ऐसे ही आश्वासन दिए थे। पांच साल बाद चुनाव आया तो उन्हें गांव की याद आई। गांव में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग को लेकर कई बार मंत्री से मिलने के अलावा उन्हें कई ज्ञापन भी दिए गए लेकिन कोई काम नहीं होने पर गांव के लोगों ने सर्व सम्मति से फैसला जयचंद्र के विरोध का फैसला किया। उन्होंने कहा कि गांव के लोग मतदान का बहिष्कार करेंगे।
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सभा में झपकी लेते दिखे सिद्धू
बेंगलूरु. मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या सोमवार को कलबुर्गी जिले की चुनाव सभा में मंच पर झपकी लेते दिखे। सोशल मीडिया पर सिद्धू का यह वीडियो काफी वायरल रहा। सिद्धरामय्या पार्टी ओर से आयोजित सभा में भाग लेने पहुंचे थे लेकिन जब दूसरे नेता बोल रहे थे उस दौरान सिद्धू झपकी ले रहे थे। सिद्धू के बगल में लोकसभा में कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खरगे भी बैठे थे। हालांकि, बाद में सिद्धू के बगल में बैठे एक नेता ने उन्हें कुछ कहा लेकिन इसके बाद भी सिद्धू झपकी लेते दिखे। सिद्धू इससे पहले भी कई बार कार्यक्रमों में झपकी लेते दिख चुके हैं।
Published on:
01 May 2018 08:59 pm
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