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निजी क्षेत्र में भाषा के आधार पर आरक्षण मुश्किल : रवि

पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या जब सत्ता में थे तब उनको डॉ सरोजिनी महिषी की रिपोर्ट लागू करने से किसने रोका था आज सत्ता से बेदखल होने के बाद सिद्धरामय्या को बेरोजगार कन्नड़ भाषियों की कैसी याद आ रही है। रिपोर्ट वर्ष 1985 से ठंडे बस्ते में पडी है। ।लेकिन किसी भी सरकार ने इस रिपोर्ट को लेकर कोई ठोस कार्रवाई नहीं करने के कारण मौजूदा हालांत पैदा हुए है। कन्नड़ एवं संस्कृति मंत्री सीटी रवि ने यह बात कही

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निजी क्षेत्र में भाषा के आधार पर आरक्षण मुश्किल : रवि

निजी क्षेत्र में भाषा के आधार पर आरक्षण मुश्किल : रवि

बेंगलूरु.पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या जब सत्ता में थे तब उनको डॉ सरोजिनी महिषी की रिपोर्ट लागू करने से किसने रोका था आज सत्ता से बेदखल होने के बाद सिद्धरामय्या को बेरोजगार कन्नड़ भाषियों की कैसी याद आ रही है। डॉ सरोजनी महिषी समिति की रिपोर्ट वर्ष 1985 से ठंडे बस्ते में पडी है। उसके पश्चात कई बार राज्य में कांग्रेस की सरकार बनी है।लेकिन किसी भी सरकार ने इस रिपोर्ट को लेकर कोई ठोस कार्रवाई नहीं करने के कारण मौजूदा हालांत पैदा हुए है। कन्नड़ एवं संस्कृति मंत्री सीटी रवि ने यह बात कही।
यहां बुधवार को उन्होंने कहा कि राज्य सरकार स्थानिय लोगों को रोजगार मूहैया करने के पक्ष में है।प्रशासनिक स्तर पर सरकार ऐसा प्रयास कर सकती है लेकिन निजी क्षेत्र में कन्नड़ भाषियों के लिए आरक्षण लागू करना संभव नहीं है। निजी क्षेत्र की कंपनियां उनकी कंपनी के लिए आवश्यक कुशल मानव संसाधनों का चयन करती है ऐसी कंपनियों के लिए केवल भाषा के आधारपर किसी कर्मचारी का चयन करना संभव नहीं होने के कारण निजी कंपनियों में भाषा के आधारपर रोजगारों का आरक्षण करना आसान नहीं है।यह एक वास्तवता है हमे इस वास्तवता को स्वीकृत करना ही होगा।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने प्रशासन में कन्नड़ भाषा को वरियता देने का वादा पूरा किया है। लेकिन केवल कन्नड़ में प्राथमिक शिक्षा मूहैया करने में शीर्ष अदालत के फैसले के कारण अवरोधक पैदा हुआ है। शीर्ष अदालत ने इस मामले को लेकर फैसले में स्पष्ट किया है की बच्चों की शिक्षा का माध्यम कौनसा हो इसका फैसला करना राज्य सरकार का काम नहीं है। बच्चे के अभिभावक ही ऐसा फैसला कर सकते है इस फैसले के कारण इस मामले में राज्य सरकार की भूमिका सिमित है।
इससे पहले उन्होंने कर्नाटक जनपद कला परिषद मेले का लांक्षन जारी करते हुए कहा कि इस माह 16 फरवरी से 18 फरवरी तक तीन दिवसीय जनपद कला मेले का आयोजन किया जा रहा है।16 फरवरी को सुबह 11 बजे शहर के रविंद्र कलाक्षेत्र के सभागार में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री बीएस यडियूरप्पा इस मेले का उद्घाटन करेंगे।काल के प्रवाह में लूप्त हो रहीं विभिन्न लोककलाओं को प्रोत्साहित करने के लिए इस मेले का आयोजन किया जा रहा है।