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कांग्रेस के आरोपों की न्यायिक जांच जरूरी नहीं : सीएम

कहा, जांच पूरी होने तक संयम बरते कांग्रेस

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बेंगलूरु. मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने कहा कि मतदाताओं के विवरण के दुरुपयोग को लेकर ‘चलुमे’ संस्था के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। ऐसे में इस मामले की न्यायिक जांच की कोई आवश्यकता नहीं है।

यहां शनिवार को उन्होंने कहा कि नियमित अंतराल पर मतदाताओं की सूची का पुनरीक्षण चुनाव आयोग का कार्य है। चुनाव आयोग एक स्वायत्त संस्था होने के कारण इस कार्य में राज्य सरकार की कोई भूमिका नहीं होती है। आगामी विधानसभा चुनाव में हार की आशंका से बौखलाए कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस समिति के नेता इस मामले को लेकर बेबुनियाद आरोप लगा रहे हैं। ऐसे भ्रामक आरोपों की न्यायिक जांच कराने की आवश्यकता नहीं है।

जांच में सरकार का हस्तक्षेप नहीं
उन्होंने कहा कि पुलिस इस मामले की जांच कर रही है। जांच में सरकार का कोई हस्तक्षेप नहीं है। राज्य की पुलिस जांच करने में सक्षम होने के कारण किसी अन्य संस्था से जांच कराने की आवश्यकता नहीं है। पुलिस जांच के बाद इस मामले की सच्चाई उजागर होगी। तब तक कांग्रेस के नेताओं को संयम बरतना होगा।

केपीसीसी नेताओं की इस मामले की न्यायिक जांच की मांग को लेकर पूछे सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि जब कांग्रेस सत्ता में होती है तब वह भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच के लिए किसी आयोग का गठन कर क्लीन चिट प्राप्त कर लेती है। ऐसे नेताओं को न्यायिक जांच की मांग करने का नैतिक अधिकार नहीं है।