
जय आनंद आनंद गाए जा...
प्रारंभ में अक्षर मुनि ने गीतिका पेश की
मैसूरु. वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ सिद्धार्थनगर स्थित सीआइटीबी परिसर में अक्षर मुनि ने आचार्य आनंद ऋषि की जयंती पर कहा कि गुरुदेव ने घोर परिषह एवं कष्टों को समभाव से सहन करते हुए अपने गुरु रत्न ऋषि के सान्निध्य में 13 वर्षों की अल्प आयु में दीक्षा अंगीकार की।
आचार्य ने अपनी कुशाग्र बुद्धि, विवेक, संयम, तप के उत्कृष्ट साधना को अपने जीवन में अपनाते हुए मानव जाति के लिए कई प्रेरक उदाहरण दृष्टांत प्रस्तुत किए।
प्रभु महावीर के सच्चे अनुयायी होने का गौरव प्राप्त किया। प्रारंभ में अक्षर मुनि ने जय आनंद आनंद गाए जा...गीतिका पेश की। उन्होंने कहा कि आनंद को यदि हम अपने जीवन में अपनाते हैं तो सही रूप से गुरु आनंद के चरणों में भावरुपी भेंट अर्पित करना है। पुणे, चेन्नई, बंगारपेट, लुधियाना से गुरुभक्त पहुंचे। निवर्तमान अध्यक्ष प्रमोद श्रीमाल ने बताया कि मुनि के सान्निध्य में आयंबिल, एकासना, बियासना, उपवास व तेले गतिमान है।
जरूरी है कर्म निर्जरा
मैसूरु. तेरापंथ सभा भवन में साध्वी लब्धिश्री आदि ठाणा3 के सान्निध्य में जैन श्वेताम्बर तेरापंथी सभा ने तपस्वी ललित पोखरना का अभिनंदन किया। साध्वी आराधनाश्री ने मंगलाचरण किया। साध्वी ने कहा कि तपस्या रूपी तप से ही हम अपनी काया को तपाकर कर्म निर्जरा कर आत्म कल्याण की ओर आगे बढ़ सकते हैं। साध्वी हेमयशा ने तपस्या के पारणे के बाद आहार संयम की प्रेरणा दी। तेरापंथ महिला मंडल अध्यक्ष वनमाला नाहर, कन्या मंडल से स्वीटी पितलिया, दिनेश दक, सभा मंत्री विनोद बुरड़ ने तपस्या की अनुमोदना की।
साईं धाम मंदिर में उमड़े श्रद्धालु
बेंगलूरु. आषाढ़ मास के अंतिम दिन शनिवार को अमावस्या पर तुमकूरु रोड स्थित मारुति साईं धाम मंदिर में भक्तों की भीड़ रही। मंदिर में दिनभर भक्तों के आने का क्रम बना रहा। भक्तों ने पूजा अर्चना का लाभ लिया। शाम को विशेष आरती में भक्तों की भारी भीड़ रही।
Published on:
12 Aug 2018 05:12 pm
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