
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के साथ कर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया और डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार। (फोटो- IANS)
Karnataka Politics: कर्नाटक में कांग्रेस सरकार के ढाई साल पूरे होने के बाद सीएम पद को लेकर चल रही खींचतान समाप्त होने का नाम ही नहीं ले रही है। दरअसल, सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार के बीच सीएम पद को लेकर खींचतान चल रही है, लेकिन अब एक और नया नाम सामने आया है। वह नाम है प्रदेश के गृह मंत्री डॉ. जी परमेश्वर। गृह मंत्री का अलग-अलग समुदाय के संतों और मठाधीशों ने समर्थन किया है। तुमकुरु में मठाधीश और संत इकट्ठा हुए थे।
तुमकुरु में संतों ने बैठक में प्रदेश के गृह मंत्री जी परमेश्वर को सीएम बनाने की कांग्रेस आलाकमान से मांग की। उन्होंने कहा कि परमेश्वर को सीएम बनाने से तुमकुरु ही नहीं कर्नाटक को भी फायदा होगा।
संतों ने आगे कहा कि परमेश्वर एक अनुभवी नेता हैं और उनके नेतृत्व में राज्य में संतुलित और समावेशी विकास हो सकता है। उन्होंने सभी वर्गों को साथ लेकर राजनीति की है।
संतों ने बैठक के दौरान कांग्रेस आलाकमान से मांग की कि प्रदेश में सीएम चयन में जमीनी हकीकत और सामाजिक संतुलन को ध्यान में रखा जाए। उन्होंने आगे कहा कि जी परमेश्वर को जिम्मेदारी सौंपना राज्य की राजनीति के लिए सकारात्मक कदम साबित होगा।
बता दें कि कर्नाटक कांग्रेस में सीएम पद को लेकर सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार के बीच खींचतान चल रही है। पिछले दिनों सीएम सिद्धारमैया ने डीके शिवकुमार को नाश्ते पर बुलाया था और इसके बाद दोनों नेताओं ने कहा कि सब ठीक है। हालांकि बाद में डीके शिवकुमार ने सिद्धारमैया को अपने घर नाश्ते पर बुलाया।
वहीं विधानसभा में शीतकालीन सत्र के दौरान सीएम सिद्धारमैया ने कहा कि जब तक हाईकमान चाहेगा, वह तब तक सीएम पद पर बने रहेंगे। उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस का एक हाईकमान है और उसके फैसले सभी को स्वीकार्य हैं। बता दें कि यह पहली बार नहीं है जब सिद्धारमैया ने इस तरह का बयान दिया हो, इससे पहले भी कई बार ऐसा बयान दे चुके हैं।
Updated on:
18 Dec 2025 03:37 pm
Published on:
18 Dec 2025 03:37 pm
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