सर्जरी एक 76 वर्षीय महिला पर की गई , जिसे एक ही समय में पैरास्टोमल हर्निया (पिछले सर्जिकल चीरों के कारण अंगों का बाहर निकलना) और पेरिनियल हर्निया (पेल्विक क्षेत्र के नीचे के अंगों का पेट में बाहर निकलना) हो गया था। चिकित्सकों के अनुसार अपनी तरह का यह अनूठा मामला है
Bengaluru के एक निजी अस्पताल के चिकित्सकों ने सफलतापूर्वक लेप्रोस्कोपिक संयुक्त पैरास्टोमल और पेरिनियल हर्निया सर्जरी करके ड्युअल हर्निया (dual hernia) हटाए। सर्जरी एक 76 वर्षीय महिला पर की गई , जिसे एक ही समय में पैरास्टोमल हर्निया (पिछले सर्जिकल चीरों के कारण अंगों का बाहर निकलना) और पेरिनियल हर्निया (पेल्विक क्षेत्र के नीचे के अंगों का पेट में बाहर निकलना) हो गया था। चिकित्सकों के अनुसार अपनी तरह का यह अनूठा मामला है।
हर्निया के बड़े आकार से गला घुटने का था खतरा
फोर्टिस हॉस्पिटल, कनिंघम में जीआइ, मिनिमल एक्सेस और बेरियाट्रिक सर्जरी के अतिरिक्त निदेशक डॉ. गणेश शेनॉय के नेतृत्व में टीम ने इस सर्जरी को अंजाम दिया। डॉ. शेनॉय ने बताया कि हर्निया के बड़े आकार के कारण गला घुटने का खतरा था। ऐसा तब होता है जब आंत का एक कुंडल (क्वाइल) हर्निया में फंस जाता है और रक्त की आपूर्ति कट जाती है या बाधित हो जाती है। इसके कारण ऊतक नष्ट हो जाते हैं। उन्होंने बताया कि मरीज को उच्च रक्त चाप और बार-बार होने वाले मूत्राशय के cancer का इतिहास था। छह साल पहले उनकी सर्जरी हुई थी, जिसमें मूत्राशय, योनि, गर्भाशय और पैल्विक लिम्फ नोड्स को हटाया गया था। लगभग एक साल पहले उन्हें पेल्विक क्षेत्र के नीचे और साथ ही पेट के खुले हिस्से के आसपास दर्द और सूजन का अनुभव होने लगा। जांच करने पर, पैरास्टोमल और पेरिनियल हर्निया का पता चला।