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कर्नाटक : फिर से टाइगर स्टेट बनने की बढ़ी उम्मीद

- बाघों की गणना : शिकारों में कमी, संरक्षण के उपायों से बढ़ी संभावना

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कर्नाटक : फिर से टाइगर स्टेट बनने की बढ़ी उम्मीद

कर्नाटक : फिर से टाइगर स्टेट बनने की बढ़ी उम्मीद

बेंगलूरु. वन विभाग के अधिकारियों को राज्य में बाघों की संख्या बढऩे की उम्मीद है। बाघ गणना -2018 के अनुसार मध्य प्रदेश में सर्वाधिक 526 बाघ (Tiger) हैं जबकि 524 बाघों के साथ कर्नाटक देश में दूसरे स्थान पर है। लेकिन, बाघ गणना-2022 में वन विभाग के अधिकारियों ने राज्य में बाघों की संख्या बढऩे की उम्मीद जताई है। वर्ष 2018 की बाघ गणना में नागरहोले और बंडीपुर बाघ अभयारण्य (Nagarhole and Bandipur Tiger Reserve) में 253 बाघ थे।

वन अधिकारी इन दो अभयारण्यों में बाघों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि की उम्मीद कर रहे हैं। ऐसा होने पर राज्य को फिर से टाइगर स्टेट का स्थान मिल सकता है।

प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) विजयकुमार गोगी ने बताया कि बाघों के शिकार और प्रजनन क्षेत्रों में कम से कम मानव हस्तक्षेप जैसी संरक्षण पहल से बाघों की संख्या बढऩे की उम्मीद है। बाघों का प्रजनन का मौका मिला है। फिलहाल संख्या का अनुमान लगाना और आंकड़े देना जल्दीबाजी होगी। हालांकि, बाघों की संख्या निर्धारित करने का एकमात्र तरीका जन्म दर नहीं है। जगह-जगह कैमरा ट्रैप लगाए हैं और वन रक्षक सदस्य भी बाघों के गोबर (स्कैट) से उनकी गतिविधियों पर नजर रखते हैं। प्रत्येक जानवर का अपना स्कैट पैटर्न होता है। गणना करने के दिशा-निर्देश भारतीय वन्यजीव संस्थान और राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण निर्धारित करते हैं।

प्रशिक्षकों का प्रशिक्षण पूरा
उन्होंने बताया कि कोविड के कारण स्वयंसेवक गणना में शामिल नहीं होंगे। राष्ट्रीय उद्यानों के स्थानीय क्षेत्र अधिकारी यह निर्णय ले सकते हैं कि स्वयंसेवकों को शामिल किया जाना चाहिए या नहीं। प्रशिक्षकों का प्रशिक्षण पूरा हो चुका है।