
भारत की आर्थिक क्रांति का अग्रदूत है कर्नाटक : सीबीआरइ
बेंगलूरु. वैश्विक रियल एस्टेट कंसल्टेंट फर्म सीबीआरइ साउथ एशिया प्राइवेट लिमिटेड ने मंगलवार को अपनी रिपोर्ट 'पॉवरहाउस कर्नाटक-भारत की आर्थिक क्रांति का अग्रदूत' की घोषण की जिसके तहत राज्य में निवेश, औद्योगिक विकास, स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत राज्य के चयनित शहरों में शुरू की जाने वाली परियोजनाओं आदि का ब्योरा है।
केंद्र सरकार ने स्मार्ट सिटी के तहत राज्य के सात शहरों बेलगावी, हुब्बल्ली-धारवाड़, मेंगलूरु, शिवमोग्गा, दावणगेरे, तुमकूरु और बेंगलूरु का चयन किया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि बेलगावी, मेंगलूरु और तुमकूरु के लिए करीब 100 करोड़ रुपए की 130 से ज्यादा परियोजनाएं योजनाबद्ध की गई हैं। साथ ही राज्य में स्मार्ट सिटी मिशन के तहत 200 से अधिक किफायती आवास परियोजनाओं की योजना बनाई गई हैं।
इस रिपोर्ट को 'व्यवसाय करने की आसान नीतिÓ को आधार बनाकर तैयार किया गया है, जिसमें वर्ष 2017-18 में कर्नाटक को देश में आठवां स्थान मिला है, जबकि महाराष्ट्र और तमिलनाडु इस मामले में कर्नाटक से नीचे हैं।
विश्व बैंक समूह के साथ साझेदारी में वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय, औद्योगिक नीति और संवर्धन विभाग (डीआइपीपी) द्वारा 'व्यवसाय करने की आसान नीतिÓ पर राज्यों के लिए अंक जारी किया जाता है। इसमें कर्नाटक को देश को एक अग्रणी निवेश स्थल बताया गया है और सोशल प्रोग्रेस इंडेक्स-2017 में दिल्ली के बाद राज्य को दूसरा स्थान मिला है।
निवेश के लिए पसंदीदा राज्य
निवेशकों की मदद के लिए औद्योगिक सुविधा अधिनियम लागू करने वाला कर्नाटक देश का पहला राज्य बना और 2017-18 में भारत में कुल एफडीआई का 19.2 प्रतिशत राज्य में निवेश हुआ जो महाराष्ट्र के बाद दूसरा सर्वाधिक था।
इस अधिनियम का परिणाम रहा कि वर्ष 2016-17 की तुलना में वर्ष 2017-18 में राज्य में निवेश करीब चौगुना हो गया। सीबीआरइ इंडिया के अनुसंधान प्रमुख अभिनव जोशी ने कहा कि कर्नाटक हमेशा भारत की आर्थिक प्रगति में अग्रणी राज्य रहा है और रीयल एस्टेट क्षेत्रों के विकास में इसने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। राज्य द्वारा लागू अग्रेषित नीतियों के कारण राज्य में रियल एस्टेट जैसे क्षेत्रों ने पिछले कुछ वर्षों में महत्वपूर्ण निवेश आकर्षित किया है।
ढांचागत विकास में बड़ा बदलाव
रिपोर्ट के अनुसार राज्य में निकट भविष्य में ढांचागत विकास की कई परियोजनाएं गतिमान होनी है, जिससे राज्य में औद्योगिक उत्पादन में भारी बढ़ोतरी होगी। मेक इन इंडिया के तहत राज्य में कई परियोजनाएं शुरू होनी हैं और ढांचागत निर्माण के तहत चेन्नई-बेंगलूरु औद्योगिक गलियारा, बेंगलूरु-मुम्बई आर्थिक गलियारा और कोच्चि-बेंगलूरु औद्योगिक गलियारा जैसी परियोजनाएं शािमल हैं।
रिपोर्ट में कहा गया है कि कर्नाटक बिजली क्षेत्र में सुधारों को लागू करने वाले देश पहले कुछ राज्यों में से एक था और सार्वजनिक और निजी डोमेन में बिजली उत्पादन के लिए स्थापित क्षमताओं में सुधार के लिए परियोजनाओं को लागू करने के लिए विभिन्न प्रकार की पहल कर रहा है। साथ ही 7,400 मेगावाट से अधिक की क्षमता के साथ यह भारत की नवीकरणीय ऊर्जा आपूर्ति में योगदान देने वाले प्रमुख राज्यों में से एक है।
Published on:
25 Oct 2018 05:15 pm
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