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Karnataka : अपराधियों के खिलाफ ‘योगी मॉडल’ पर भिड़े नेता

सरकार दक्षिण कन्नड़ जिले में तीनों हत्याओं पर गंभीर है, सरकार की नजर में सभी जिंदगियां कीमती हैं : मुख्यमंत्री बोम्मई

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बेंगलरु. दक्षिण कन्नड़ जिले में भारतीय जनता युवा मोर्चा नेता प्रवीण नेट्टरु की हत्या के बाद हालात से निपटने के लिए सख्त कदम उठाने का संकेत देते हुए मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने गुरुवार को जरूरत पडने पर उत्तर प्रदेश के 'योगी मॉडलÓ को अपनाने की बात कही थी। बोम्मई के इस बयान को लेकर सत्तारुढ़ भाजपा और विपक्षी कांग्रेस व जनता दल-एस नेताओं के बीच वाक्युद्ध शुरू हो गया है। विपक्ष ने भाजपा ने हत्याओं को लेकर राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री और मंत्रियों को ऐसी वारदातों में मारे गए अन्य लोगों के घरों पर भी जाना चाहिए और उनके लिए भी मुआवजे की घोषणा करनी चाहिए।

अश्वथनारायण ने दी एनकाउंटर की चेतावनी
प्रवीण नेट्टरु हत्याकांड को लेकर गुस्से और विरोध के बीच राज्य के आइटी-बीटी एवं उच्च शिक्षा मंत्री अश्वथनारायण ने अपराधियों पर अंकुश लगाने के लिए 'एनकाउंटरÓ जैसी कार्रवाई पर जोर दिया है।
अश्वथनारायण ने यहां शुक्रवार को कहा 'हमारी सरकार एक स्पष्ट संदेश दे रही है। हत्यारों को किसी भी कीमत पर नहीं छोड़ा जाएगा। अत्यंत कड़ी कार्रवाई होगी। हम एनकाउंटर करने के लिए भी तैयार हैं।Ó
यूपी से भी पांच कदम आगे चलेंगे
अश्वथनारायण ने कहा 'हम यूपी से भी पांच कदम आगे चलेंगे। कर्नाटक एक प्रगतिशील राज्य है, जो अन्य राज्यों के लिए एक मॉडल है। हमारा मॉडल ऐसा होगा जिसका अनुसरण दूसरे करेंगे।Ó
अपराधियों को चेतावनी देते हुए उन्होंने कहा 'आने वाले दिनों में ऐसे लोग कांपेंगे। हत्या करने का ख्याल सपने में भी नहीं आएगा। एनकाउंटर का समय आ गया है। हम सख्त कार्रवाई करेंगे ताकि आगे ऐसी कोई हत्या न हो। धैर्य की एक सीमा होती है। हम अब और बर्दाश्त नहीं करेंगे।Ó

हत्याओं पर राजनीति कर रही सरकार: सिद्धू
नेता प्रपिपक्ष सिद्धरामय्या ने कहा कि दक्षिण कन्नड़ जिले में लगातार तीन हत्याएं होने के बाद फैली अशांति के लिए नैतिक जिम्मेदारी लेकर मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई और गृह मंत्री अरगा ज्ञानेन्द्र को इस्तीफा देना चाहिए।
उन्होंने शुक्रवार कहा कि बोम्मई ने हिंसक घटनाओं के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की घोषणा की है। अगर कर्नाटक में यूपी मॉडल लाने की बात की जा रही है तो साफ है कि यहां भी यूपी जैसे संगीन हालात बनाने का षड्यंत्र रचा गया है। उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में शांति नहीं हर जगह अशांति फैली है।
पूर्व सीएम ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता प्रवीण की हत्या होने पर परिवार को 25 लाख रुपए का चेक दिया और सरकारी नौकरी देने का आश्वासन दिया। बोम्मई को गत सप्ताह मारे गए मसूद और फाजिल के घर जाकर उनके परिवारों को भी सांत्वना देनी चाहिए थी। सरकार यहांं भी राजनीति कर रही है।
उधर, विधानसभा में विपक्ष के उपनेता यूटी खादर ने प्रवीण नेट्टरु की तरह फाजिल के परिजनों को भी सरकार की तरफ से मुआवजा देने की मांग की है। खादर ने कहा कि कट्टरपंथी और असामाजिक तत्वों के हमले में मरने हर व्यक्ति के साथ सरकार को एक समान व्यवहार करना चाहिए।

योगी वाली मानसिकता नहीं चलेगी: कुमारस्वामी
पूर्व मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने कहा कि मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई तथा भाजपा की संविधान विरोधी बुल्डोजर मानसिकता को राज्य की जनता करारा जवाब देगी। जिन लोगों को संविधान पर भरोसा नहीं है, केवल वही बुल्डोजर संस्कृति की वकालत करते है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई आज संघवादी बन कर संघ परिवार को खुश करने के लिए राज्य में आवश्यकता होने पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का बुल्डोजर मॉडल लागू करने की बातें कर रहे हैं। हमारा देश संविधान से चलता है। संविधान की शपथ लेने वाले मुख्यमंत्री को यह बात नहीं भूलनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए गृह विभाग बगैर किसी बाहरी हस्तक्षेप के अपना दायित्व निभाने को स्वतंत्र होना चाहिए। राज्य सरकार हत्या के बाद जांच में हस्तक्षेप कर राजनीतिकरण कर रही है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2002 में तत्कालीन प्रधानमंत्री अटलबिहारी वाजपेयी ने गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को राजधर्म का पालन करने की हिदायत दी थी। राज्य के मुख्यमंत्री राजधर्म का पालन करने की बात तो बहुत दूर की है लेकिन हमारे धर्म का मूल संदेश 'सर्वे भवंतु सुखिन:Ó का पालन करने में भी विफल रहे हैं।

भाजपा ने लगाया सांप्रदायिकता पर अंकुश : अशोक
राज्य में भाजपा की सरकार होने के कारण ही सांप्रदायिक ताकतों पर अंकुश लगा है। राजस्व मंत्री आर. अशोक ने यह बात कही।
उन्होंने यहां शुक्रवार को कहा कि ऐसी ताकतों को परास्त करने के लिए और कड़ी कार्रवाई की आवश्यकता है। आज राज्य की कानून-व्यवस्था पर घडिय़ाली आंसू बहा रहे कांग्रेस नेता भूल गए हैं कि उनकी सरकार के कार्यकाल में राज्य में कैसे हालात थे? शिवाजीनगर क्षेत्र में दिनदहाड़े संघ परिवार से जुड़े रुद्रेश की हत्या हुई थी। तत्कालीन मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या ने क्या कार्रवाई की थी, यह बात किसी से छिपी नही है। पापुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के कार्यकर्ताओं के खिलाफ दर्ज मामले सिद्धरामय्या ने ही वापस लिए थे।


प्रवीण नट्टूर के मामले में हत्या के बाद महज 24 घंटे में आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। जबकि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में ऐसे मामलों मे हत्या के 1 माह के बाद भी आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया जाता था। सिद्धरामय्या को यह स्पष्ट करना होगा की क्या ऐसे मामलों की जांच में कांग्रेस के नेताओं का हस्तक्षेप नहीं था? जब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खरगे गृहमंत्री थे, तब तत्कालीन कोलार जिले के कंबालपल्ली में दलितों को जिंदा जलाया गया था। तब उन्होंने कौनसी कार्रवाई की थी?

हत्या की सभी घटनाओं पर सरकार गंभीर: बोम्मई
मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने कहा कि सुरतकल में 23 वर्षीय फाजिल की हत्या की जांच भी तेज की जाएगी। दोषियों को गिरफ्तार करने के लिए विशेष टीमों का गठन किया जाएगा। इसके अलावा जिला स्तर पर धर्मगुरुओं के साथ शांति बैठक आयोजित की जाएगी। इससे पहले मुख्यमंत्री ने कहा कि हत्या की सभी घटनाओं को सरकार समान रूप से गंभीरता से ले रही है। जब वे प्रवीण के घर पर थे तभी उन्हें एक और हत्या की खबर मिली। सरकार सभी तीनों हत्याओं पर गंभीर है। सरकार की नजर में सभी जिंदगियां कीमती हैं। ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति नहीं होनी चाहिए।


उन्होंने कहा कि जांच हो रही है। केरल से जुड़े सभी 55 सड़कों पर निगरानी बढ़ाई जाएगी। हत्या के पीछे असामाजिक ताकतों और कुछ राजनीतिक संगठनों के उकसावे भी हैं। इन सभी को नियंत्रित करने के लिए कड़े कदम उठाए जा रहे हैं। मसूद के हत्यारों को गिरफ्तार कर लिया गया है। अन्य दो मामलों में दोषियों की तलाश की जा रही है। यह कोई साधारण हत्या नहीं है। इन घटनाओं के पीछे जिन संगठनों का हाथ है उनसे कड़ाई से निपटा जाएगा। आने वाले कुछ ही दिनों में सरकार की कार्रवाई के नतीजे सामने आ जाएंगे।

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