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कर्नाटक : वन अपराध के 70 हजार से ज्यादा मामले लंबित

- 560 एकड़ वन भूमि अतिक्रमण मुक्त

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कर्नाटक : वन अपराध के 70 हजार से ज्यादा मामले लंबित

कर्नाटक : वन अपराध के 70 हजार से ज्यादा मामले लंबित

वन विभाग के लिए वन अपराध मामलों (एफओसी) का निपटारा बड़ी चुनौती है। विभाग की वार्षिक रिपोर्ट (2022-23) के अनुसार, 70,312 एफओसी निपटाने के लंबित हैं। पिछले वर्ष तक वन विभाग में 75,376 एफओसी पंजीकृत थे, जिनमें से इस वर्ष मार्च तक केवल 5,064 का ही निस्तारण किया जा सका है।

अधिकारियों के अनुसार कई मामले विभिन्न अदालतों में हैं। राज्य में हर साल वन भूमि पर अतिक्रमण के 1,000 से अधिक मामले सामने आते हैं। 75,376 में से, विभाग ने अकेले पिछले साल 5,808 एफओसी मामले दर्ज किए। एफओसी मामलों में वन भूमि पर अतिक्रमण, चंदन, लाल चंदन, शीशम की लकड़ी की चोरी, अवैध शिकार और जानवरों की तस्करी जैसे वन्यजीव मामले शामिल हैं।

रिपोर्ट के अनुसार विभाग ने वर्ष 2022-23 में अतिक्रमण को रोकने के लिए राज्य में करीब 1,300 किलोमीटर वन सीमाओं को मजबूत करने का काम किया गया। सर्वेक्षण और सीमांकन के गत वर्ष 30 करोड़ रुपए जारी किए गए थे। नियमों के अनुसार सभी नोडल अधिकारी, मुख्य वन संरक्षक, वन संरक्षक, उप वन संरक्षक और सहायक वन संरक्षक सहित अन्य कर्मचारियों को हर महीने की 3 से 18 तारीख के बीच वन सीमाओं के परिभ्रमण और वन भूमि के समेकन के लिए जाना होता है।

इस परिभ्रमण अभियान के दौरान, विभिन्न निगमों के प्रबंध निदेशकों और संबंधित वन अधिकारियों को विभिन्न निगमों को पट्टे पर दी गई वन भूमि, निगमों द्वारा विभाग को लौटाए गए वन क्षेत्रों और संबंधित मुद्दों के विवरण को समेटने के लिए जमीनी सत्यापन करने का निर्देश दिया गया है।

फील्ड कर्मचारियों के अनुसार वन सीमाओं के सीमांकन के लिए लगाए गए पत्थर क्षतिग्रस्त हो गए हैं। अतिक्रमण के मामले सामने आए हैं।