
कर्नाटक में 200 स्टार्टअप्स को 50 लाख रुपए तक सीड फंडिंग की घोषणा
बेंगलूरु. राज्य में तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देने के लिए चालू वर्ष में 200 स्टार्टअप्स को 50 लाख रुपए तक सीड फंडिंग प्रदान की जाएगी। राज्य में सॉफ्टवेयर के साथ-साथ हार्डवेयर के विकास को भी सुगम बनाया जाएगा। आईटी-बीटी और कौशल विकास मंत्री डॉ सीएन अश्वथनारायण ने रविवार को यह बात कही।
उन्होंने विधान सौधा में रविवार को पहले राष्ट्रीय स्टार्टअप दिवस कार्यक्रम में कहा कि वर्ष में 200 स्टार्टअप का लक्ष्य हासिल करने के लिए अतिरिक्त 75 स्टार्टअप को सीड फंडिंग की जाएगी। उन्होंने कहा कि वर्तमान वर्ष में राज्य ने 1.6 लाख करोड़ रुपए का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश आकर्षित किया है, जो पूरे देश में हुए निवेश का 50 प्रतिशत से अधिक है।
उन्होंने बताया कि देश में कुल 57,000 में से 13,000 से अधिक स्टार्टअप राज्य से है। इस क्षेत्र में राज्य की अग्रणी स्थिति को बनाए रखने के मद्देनजर भारत की राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनइपी) 2020 के प्रभावी कार्यान्वयन के माध्यम से डिजिटल शिक्षा और कौशल विकास पर जोर दिया जाएगा।
मंत्री ने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन एंड मैन्युफैक्चरिंग (ईएसडीएम) नीति के तहत 5,000 करोड़ रुपए सब्सिडी के रूप में दिए जाएंगे। इसमें से 2,000 करोड़ रुपए पहले साल में दिए जा चुके हैं।
अनुकूल नीति राज्य में स्टार्ट-अप की मददगार
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्टार्टअप पुरस्कार-2021 के लिए पूरे देश से चुने गए 46 स्टार्टअप में से 14 कर्नाटक से हैं। इस वर्ष पुरस्कारों के लिए देश भर से 2,173 आवेदन आए थे। इनमें से 549 कर्नाटक से थे। अश्वथनारायण ने बताया कि राष्ट्रीय पुरस्कार पाने वाले 46 स्टार्टअप में से 14 कर्नाटक के हैं, जो इस साल स्टार्टअप को दिए गए पुरस्कारों का 30 प्रतिशत है।
औद्योगिक नवाचारों में सबसे आगे
उन्होंने कहा कि इन्फोटेक, फिनटेक, मेडिटेक, एग्रो-टेक, बायोटेक और औद्योगिक नवाचारों के मामले में राज्य सबसे आगे है। कर्नाटक एकमात्र ऐसा राज्य है जो स्टार्टअप्स को सीड फंड देता है और सीड फंड देने के लिए लगभग 200 कंपनियों को चुना है।
Updated on:
17 Jan 2022 12:12 pm
Published on:
17 Jan 2022 12:08 pm

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