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कर्नाटक : शीतकालीन सत्र अधिवेशन 10 दिसंबर से

जनहित के मुद्दों को प्राथमिकता

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कर्नाटक : शीतकालीन सत्र अधिवेशन 10 दिसंबर से

बेलगावी. विधानमंडल का शीत सत्र 10 दिसंबर से बेलगावी के सुवर्ण विधानसौधा में होगा। राज्य सरकार का प्रयास है कि कम से कम 10 दिन तक विधानमंडल की कार्रवाई हो और सत्र पूरी तरह जनहित के मुद्दों पर केंद्रित रहे।

विधानसभा अध्यक्ष रमेश कुमार और विधान परिषद के कार्यवाहक सभापति बसवराज होरट्टी ने सत्र की तैयारियों की समीक्षा के लिए सोमवार को विभिन्न जिलों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की।

बैठक के बाद रमेश कुमार ने उम्मीद जताई कि विधायक सत्र के लिए पूरी तरह तैयार होकर आएंगे। अगर सदस्य स्वस्थ चर्चा में भाग लेते हैं तो उन्हें अतिरिक्त समय उपलब्ध कराएंगे।

ऐसी चर्चाओं का वे पूर्ण समर्थन करते हैं और उसमें सहयोग करेंगे। विधायी सलाहकार समिति चर्चा के लिए एजेंडा तय करेगी। सदस्यों द्वारा उठाए जाने वाले विषयों को ध्यान में रखकर प्राथमिकताएं तय की जाएंगी। लेकिन जन हित के मुद्दों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि यह उनके संज्ञान में आया है कि पिछले सत्र के दौरान खान-पान की गुणवत्ता और आवास को लेकर काफी गड़बडिय़ां हुई थीं। अधिकारियों को सलाह दी है कि इस पर ध्यान दें और ऐसी गलतियां फिर से दोहराई नहीं जाएं।

बेलगावी में विधायकों के लिए आवास निर्माण के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि इस पर सरकार को फैसला करना है। यह एक आवश्यकता है और आवास निर्माण हों तो अच्छा है।

लेकिन, यह उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं है। जब पूर्ण उपस्थिति सुनिश्चित कराने के लिए विधानसभा अध्यक्ष की निहित शक्तियों के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि वे विधायकों को सत्र में आने के लिए मजबूर नहीं कर सकते।