मैसूरु. खो-खो विश्व कप विजेता भारतीय महिला टीम की मैसूरु जिले की खिलाड़ी बी. चैत्रा और पुरुष टीम के मंड्या के एम.के. गौतम को खेल में उनकी उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया गया।जिला और सांस्कृतिक मंच के तत्वावधान में जगममोहन पैलेस में आयोजित समारोह में राष्ट्रीय खो-खो खिलाड़ी और अर्जुन पुरस्कार विजेता शोभा नारायण ने […]
मैसूरु. खो-खो विश्व कप विजेता भारतीय महिला टीम की मैसूरु जिले की खिलाड़ी बी. चैत्रा और पुरुष टीम के मंड्या के एम.के. गौतम को खेल में उनकी उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया गया।जिला और सांस्कृतिक मंच के तत्वावधान में जगममोहन पैलेस में आयोजित समारोह में राष्ट्रीय खो-खो खिलाड़ी और अर्जुन पुरस्कार विजेता शोभा नारायण ने खिलाड़ियों को सम्मानित करते हुए कहा कि जिस तरह केंद्र सरकार प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित करती है, उसी तरह राज्य सरकार को भी खिलाड़ियों को एकलव्य पुरस्कार से सम्मानित करना जारी रखना चाहिए।हाल ही में माउंट एवरेस्ट पर चढ़ने वाली और कार्यक्रम की मुख्य अतिथि उषा हेगड़े ने कम उम्र में चैत्रा की उल्लेखनीय उपलब्धि की सराहना की और कहा कि उन्हें और अधिक गौरव हासिल करने के लिए प्रयास करते रहना चाहिए और अगली पीढ़ी के लिए प्रेरणा बनना चाहिए।
राज्य गन्ना कृषक संघ के अध्यक्ष कुरुबुर शांताकुमार ने कहा कि खेल सभी जाति, राजनीतिक सीमाओं, संगठनों से परे है और खिलाड़ियों को उनके प्रयासों के लिए मान्यता दी जानी चाहिए।उन्होंने कहा कि मैसूर जिले के कुरुबुर गांव की रहने वाली चैत्रा ने विश्व कप विजेता टीम का हिस्सा बनकर भारत का गौरव बढ़ाया है और उनकी उपलब्धियों ने युवा पीढ़ी को सकारात्मक संदेश दिया है। राज्य सरकार को ऐसी प्रतिभाओं को नौकरी और जमीन देकर पहचान देनी चाहिए। कार्यक्रम में वक्ताओं ने सरकार से विश्व चैंपियन एथलीटों के लिए घोषित 5 लाख रुपए की वित्तीय सहायता का पुनर्मूल्यांकन करने और उन्हें उचित मान्यता प्रदान करने का आग्रह किया। विश्व कप खो-खो विजेताओं के माता-पिता को भी सम्मानित किया गया। जिला खो-खो महासंघ के अध्यक्ष सी. कृष्णा, मडिकेरे गौपाल, चंद्रशेखर, चैन सिंह राजपुरोहित, आदि मौजूद थे।