3 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

केएमएफ ने दी तिरुपति लडडू प्रसादम में मिलावट के आरोपों पर सफाई, चंद्रबाबू के आरोपों से भारी विवाद

चंद्रबाबू नायडू ने यह आरोप लगाकर एक बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है कि आंध्र प्रदेश की पिछली वाईएस जगन मोहन रेड्डी के नेतृत्व वाली वाईएसआरसीपी सरकार ने तिरुपति लड्डू प्रसादम तैयार करने के लिए पशु वसा का इस्तेमाल किया था।

2 min read
Google source verification
chandrababu-laddu

लैब रिपोर्ट ने तिरुपति लड्डू की गुणवत्ता को लेकर उठाए गए सवाल

तिरुपति. तिरुपति लडडू को लेकर आध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू के आरोपों के बाद कर्नाटक मिल्क फेडरेशन (केएमएफ) ने गुरुवार को अपना पक्ष रखने के लिए बयान जारी किया। हालांकि नायडू ने अपने बयान में कहीं केएमएफ का जिक्र नहीं किया, लेकिन केएमएफ ने स्पष्टीकरण जारी किया है। उनका कहना है कि आंध्र प्रदेश में टीडीपी के सत्ता में आने के बाद ही उन्होंनें नंदिनी घी की आपूर्ति की है।

चंद्रबाबू नायडू ने यह आरोप लगाकर एक बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है कि आंध्र प्रदेश की पिछली वाईएस जगन मोहन रेड्डी के नेतृत्व वाली वाईएसआरसीपी सरकार ने तिरुपति लड्डू प्रसादम तैयार करने के लिए पशु वसा का इस्तेमाल किया था।

तेलुगु देशम पार्टी ने प्रयोगशाला रिपोर्ट का हवाला दिया जिसमें पाया गया कि तिरुपति प्रसादम बनाने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले घी में गोमांस की वसा युक्त मिलावटी तेल पाया गया है, जिसे तिरुमला में भगवान वेंकटेश्वर मंदिर में आने वाले करोड़ों अनुयायियों को वितरित किया जाता है।

इस विवाद के बीच कर्नाटक मिल्क फेडरेशन ने गुरुवार को कहा कि पहाड़ी मंदिर के शासी निकाय तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) ने पिछले चार वर्ष में उससे घी ही नहीं खरीदा है। टीडीपी के सत्ता में आने के बाद ही उन्होंनें नंदिनी घी की आपूर्ति शुरू की है।

यहां उल्लेख करना होगा कि इससे पहले केएमएफ बरसों से टीटीडी को नंदिनी घी की सप्लाई कर रहा था लेकिन बीच में एक अन्य सप्लायर को ठेका मिलने के बाद से उसकी आपूर्ति बंद हो गई थी।

यह पहली बार नहीं है जब तिरुमला मंदिर में वितरित किए जाने वाले प्रसाद पर सवाल उठाए गए हैं। तेलुगू देशम पार्टी (टीडीपी) ने पहले भी इसकी गुणवत्ता में कथित गंभीर समझौते की कड़ी आलोचना की है।

वर्षों से, टीटीडी में 'श्रीवारी' लड्डू के लिए घी बनाने वाले पनीर की गुणवत्ता की जांच करने की कोई प्रक्रिया नहीं थी। लेकिन, बोर्ड ने अब एक नई प्रयोगशाला स्थापित की है, जहां कर्मचारियों को मैसूरु में गुणवत्ता जांच करने के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है।

सत्तारूढ़ पार्टी ने आगे आरोप लगाया कि घी में मछली का तेल और कुत्तों सहित मृत जानवरों की चर्बी जैसे अन्य पदार्थ भी मौजूद थे। उन्होंने यह भी दावा किया कि भगवान को गोमांस की चर्बी से मिलावटी लड्डू परोसे गए।

उन्‍हाेंने आरोप लगाया कि भगवान वेंकटेश्वर को परोसे जाने वाले भोजन में भी इस मिलावटी पशु वसा का इस्तेमाल किया गया था। अमरावती में एनडीए विधायक दल की बैठक में नायडू ने यह भी स्पष्ट किया कि अब शुद्ध घी का उपयोग किया जा रहा है और मंदिर में हर चीज़ को सैनिटाइज़ किया गया है, जिससे भक्तों को बेहतर गुणवत्ता वाला प्रसाद मिल रहा है।

आरोपों को खारिज करते हुए, राज्यसभा सांसद और तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) के पूर्व अध्यक्ष वाईवी सुब्बा रेड्डी ने कहा कि नायडू राजनीतिक लाभ के लिए किसी भी स्तर तक गिर सकते हैं। आंध्र के मुख्यमंत्री को उनके दावों पर आगे चुनौती देते हुए रेड्डी ने कहा, अगर नायडू लड्डू में पशु वसा का सबूत दिखाने में विफल रहते हैं तो हम उनके खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर करेंगे।