
कुमार की कांग्रेस से अपील: नाराज विधायकों को समझाएं
बेंगलूरु. कांग्रेस विधायकों में बढ़ते असंतोष से चिंतित कुमारस्वामी भी शुक्रवार को असंतुष्टों को मनाने के लिए मैदान में उतरे। कुमारस्वामी ने पाटिल से उनके घर जाकर मुलाकात की। बताया जाता है कि कुमारस्वामी ने पाटिल को धैर्य रखने और पार्टी आलाकमान से बात करने की सलाह दी। कुमारस्वामी ने पाटिल से मुलाकात के बाद पत्रकारों से कहा कि गठबंधन की सहयोगी कांग्रेस के नेताओं में मंत्री नहीं बनाए जाने से असंतोष है। हालांकि, जद-एस में ऐसी कोई समस्या नहीं है।
कुमारस्वामी ने कहा कि उनकी पार्टी में सबकुछ ठीक है। कुमारस्वामी ने कहा कि नेताओं की नाराजगी की समस्या कांग्रेस में है और मैं इसे सुलझाने के लिए अपने स्तर पर पूरी कोशिश करूंगा। मेरी कोशिश होगी कि इन विधायकों को विश्वास में लिया जाए। कुमारस्वामी ने कहा कि पाटिल से मिलने के पीछे उनका मकसद केवल गठबंधन के हितों की रक्षा करना है। पाटिल के साथ उनकी अन्य कोई व्यक्तिगत बातचीत नहीं हुई। इस मसले को देखना कांग्रेस नेताओं का फर्ज है और यह मेरे हाथ में नहीं।
वे इस संबंध में स्वतंत्र रूप से कोई निर्णय नहीं कर सकते मगर जरूरत इस बात की है कि कांग्रेस के नेता मिलकर निर्णय करें। एक सवाल के जवाब में कुमारस्वामी ने कहा कि वे इस बारे में अपनी राय पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के पास भेंजेगे और दोनों दलों के हित में इस मसले को जल्द हल करने को कहेंगे। उन्होंने कहा कि जब कभी विस्तार होता है तो किसी भी पार्टी में असंतोष पैदा होना आम बात है और यह उस पार्टी की जिम्मेदारी है कि वह अपने नेताओं को संतुष्ट करे। कांग्रेस नेताओं को तत्काल सक्रिय होकर असंतुष्ट नेताओं को विश्वास में लेकर इस मसले को खत्म करना चाहिए।
कुमारस्वामी ने कहा कि हर किसी की अपनी आकांक्षाएं होती हैं। हर कोई मंत्री बन कर काम करना चाहता है लेकिन सरकार के गठन में नेताओं को मौका देने की भी सीमाएं होती हैं।
Published on:
09 Jun 2018 05:38 pm
बड़ी खबरें
View Allबैंगलोर
कर्नाटक
ट्रेंडिंग
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
