
मैकेदाटु परियोजना को केंद्र से हरी झंडी मिलने की उम्मीद बढ़ी
बेंगलूरु. मुख्यमंत्री एच. डी. कुमारस्वामी ने कहा कि मैकेदाटु के पास बांध बनाने के प्रस्ताव पर केंद्र सरकार सकारात्मक है और केंद्रीय जल संसाधन विभाग जल्द इस परियोजना को अनुमति दे देगा। मुख्यमंत्री कुमारस्वामी ने शुक्रवार को नई दिल्ली में केंद्रीय भूतल परिवहन व जल संसाधन मंत्री नितिन गडकरी से भेंट कर इस बारे में विस्तार से चर्चा की। गडकरी ने परियोजना को अनुमति देने के संकेत दिए।
बाद में कुमारस्वामी ने मीडिया से कहा कि केंद्र सरकार को इस बारे में तमाम जानकारी उपलब्ध कराई गई है। केंद्रीय मंत्री से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है और एक सप्ताह में परियोजना को अनुमति मिलने का विश्वास है। ऐसा होने के बाद वन व पर्यावरण मंत्रालय से स्वीकृति लेनी होगी।
उन्होंने कहा कि इस साल केरल के वायनाड तथा कर्नाटक के कोडुगू तथा मलनाड में भारी बारिश के कारण कर्नाटक में कावेरी के चारों जलाशय लबालब भर गए और करीब 200 टीएमसी पानी व्यर्थ बहकर समुद्र में चला गया।
इस साल कावेरी नदी से 349 टीएमसी पानी तमिलनाडु की तरफ गया है जिसमें से तमिलनाडु ने 140 टीएमसी पानी का संग्रहण किया और शेष 209 टीएमसी पानी बहकर समुद्र में चला गया। कुमारस्वामी ने कहा कि बैंठक में गडकरी को इन तमाम तथ्यों की जानकारी देकर बताया गया कि अब दो माह और बारिश होगी और भारी मात्रा में पानी बहकर तमिलनाडु जाएगा। मैकेदाटु के पास जलाशय का निर्माण होने पर इस अतिरिक्त पानी को संग्रहित कर संकट काल में बेंगलूरु सहित अनेक गांवों और शहरों को पेयजल की आपूर्ति की जा सकेगी और तमिलनाडु को भी समय समय पर पानी दिया जा सकेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बातचीत के दौरान गडकरी को बताया गया कि प्रस्तावित बांध के निचले क्षेेत्रों में कर्नाटक में कोई कृषि भूमि नहीं है इस बात को तमिलनाडु को समझने की जरूरत है। इस परियोजना के पीछे हमारा मकसद बेंगलूरु सहित कुछ गांवों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना और पनबिजली का उत्पादन करना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गडकरी ने जल संसाधन सचिव को इस संबंध में आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने कहा कि महादयी पंचाट के फैसले के तहत राज्य को आवंटित पानी के इस्तेमाल की अनुमति देने पर भी चर्चा हुई। गडकरी ने कहा कि गोवा सरकार ने इस मसले पर स्पष्टीकरण मांगा है और उसे देखने के बाद कर्नाटक को पानी के इस्तेमाल की अनुमति देने के संबंध में सरकारी आदेश जारी कर दिया जाएगा।
इस पर उन्हें बताया गया कि स्पष्टीकरण देने से पहले सरकारी आदेश जारी होने की नजीरें मौजूद है। इस पर गडकरी ने इस संबंध में शीघ्र आदेश जारी करने का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि बाढ़ व भारी बारिश के कारण राज्य में सड़कों को पहुंचे नुकसान के बारे में गुरुवार देवेगौड़ा व एच.डी.रेवण्णा ने गडकरी से मुलाकात कर तमाम विवरण उपलब्ध करवाया था और राष्ट्रीय राजमार्ग की मरम्मत के लिए कोष आवंटित करने की अपील की है।
ऋण माफी के लिए घबराएं नहीं किसान
कुमारस्वामी ने कहा कि किसानों से कृषि ऋण माफ करने के आवेदन जमा करवाने को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है क्योंकि आवेदन जमा करवाने के बारे में कोई समय-सीमा तय नहीं की गई है। कुमारस्वामी ने कहा कि राज्य सरकार ने किसानों से सहकारी व राष्ट्रीयकृत बैंकों से लिए गए ऋणों के बारे में दस्तावेजों सहित आवेदन जमा करवाने को कहा है लेकिन इससे किसानों को विचलित या चिंतित होने की जरूरत नहीं है।
उन्होंने कहा कि सरकार बिचौलियों के दखल के बिना किसानों के बैंक खातों मे धन जमा कर ऋण मुक्ति पत्र पहुंचाना चाहती है और इसके लिए कुछ दस्तावेज सहित आवेदन जमा कराने की अपील की गई है। उन्होंने कहा कि किसानों को आत्महत्या जैसा कदम नहीं उठाना चाहिए क्योंकि ऐसा करने से उनके परिवार बेसहारा हो जाएंगे। ऋण मुक्ति अध्यादेश पर गृह मंत्रालय ने कुछ स्पष्टीकरण मांगे थे जो उपलब्ध करा दिए गए हैं। कुमारस्वामी ने उम्मीद जताई कि जल्द ही इस अध्यादेश को मंजूरी मिल जाएगी। इस बारे में कुमारस्वामी पहले ही राष्ट्रपति से भी अपील कर चुके हैं।
Published on:
06 Oct 2018 07:16 pm
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