300 करोड़ से अधिक की हेराफेरी का आरोप
केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने कर्नाटक राज्य मुक्त विश्वविद्यालय (केएसओयू) के सहयोगी संस्थान कार्यक्रम में अज्ञात अधिकारियों के खिलाफ 300 करोड़ रुपए से अधिक की कथित हेराफेरी के संबंध में प्राथमिकी दर्ज की।
अधिकारियों ने गुरुवार को बताया कि प्राथमिकी में आरोप लगाया गया है कि मैसूरु स्थित KSOU ने पूरे देश और विदेशों में भी अपने सहयोगी संस्थान खोले थे।
सहयोगी संस्थान छात्रों से प्रवेश शुल्क, परीक्षा शुल्क और ऐसे अन्य शुल्क जमा कर रहे थे, जिन्हें केएसओयू में जमा किया जाना आवश्यक था। वित्तीय वर्ष 2013-14 और 2014-15 के ऑडिट के दौरान यह सामने आया कि विभिन्न सहयोगी संस्थानों से 50 करोड़ रुपए के क्रेडिट गायब थे।
प्राथमिकी में आरोप लगाया गया है कि ऑडिटर ने छात्रों के प्रवेश और केएसओयू द्वारा प्राप्त राशि आदि के आधार पर वित्तीय वर्ष 2009-10, वित्तीय वर्ष 2010-11 और 2012-2013 से संबंधित लगभग 250 करोड़ रुपए के अन्य लापता क्रेडिट की भी गणना की।
पूरा मामला प्रकाश के आने के बाद केएसओयू के निदेशक मंडल ने CBI से जांच की मांग की, जिसे बाद में राज्य सरकार की मंजूरी मिली।
राज्य सरकार ने सीबीआइ को 2009-10 से 2015-16 की अवधि के लिए एकत्र की गई फीस के कथित दुरुपयोग की जांच करने और इसमें शामिल दोषियों की पहचान करने के लिए कहा।