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अनुदान का दुरुपयोग बर्दाश्त नहीं: कुमारस्वामी

डीसी व सीईओ की बैठक में बोले मुख्यमंत्री

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अनुदान का दुरुपयोग बर्दाश्त नहीं: कुमारस्वामी

कृषि मंत्री शिवशंकर रेड्डी ने सभी समुदाय के विद्यार्थियों के प्रवेश वाले छात्रावासों के निर्माण की दी सलाह
बेंगलूरु. मुख्यमंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने कहा कि अनुसूचित जाति व जन जाति वर्ग के कल्याण के लिए आरक्षित अनुदान के दुरुपयोग को सरकार बर्दाश्त नहीं करेगी। बजट में आवंटित अनुदान का तय समयसीमा में उपयोग किया जाना चाहिए और लाभार्थियों का नियमानुसार चयन कर सुविधाओं से वंचित रहे लोगों को प्रमुखता दी जानी चाहिए।
वे मंगलवार को जिलाधिकारियों व जिला पंचायतों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों की दूसरे दिन की बैठक में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि अजा-जजा वर्ग के छात्रावासों को सभी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध करवानी होंगी और विद्यार्थियों को गुणवत्तायुक्त भोजन, पानी व स्वच्छता की सुविधाएं उपलब्ध करवाने को वरीयता दी जाए। जिन छात्रावासों के खुद की इमारतें नहीं हैं, उनके भवन निर्मित करने के लिए स्थान का चयन हो।
बैठक में शामिल मंत्रियों ने कृषि मंत्री शिवशंकर रेड्डी की सभी समुदाय के विद्यार्थियों के प्रवेश देने का अवसर देने वाले छात्रावासों के निर्माण की सलाह का स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने इसे स्वागत योग्य सलाह बताते हुए सभी जिलाधिकारियों से अगले 15 दिनों में इस बारे में सरकार को प्रस्ताव भेेजने के निर्देश दिए। जिलाधिकारियों ने मॉडल सार्वजनिक छात्रावासों की स्थापना पर सहमति जताई। मुख्यमंत्री ने ग्रामीण व शहरी इलाकों में आवास योजनाओं का निर्माण कार्य समय पर पूरा करने को कहा। उन्होंने कहा कि हैदराबाद-कर्नाटक में अनेक पद रिक्त पड़े हैं और अनेक खामियां पाई गई हैं, जिसके बारे में चर्चा करने के लिए पृथक बैठक बुलाई जाएगी।
उन्होंने शिक्षित विकलांगों को मानवीयता के आधार पर रोजगार प्रदान करने की भी जिलाधिकारियों को सलाह दी। उन्होंने महीने में एक बार जन स्पंदन कार्यक्रम आयोजित करने तथा जनता दर्शन कार्यक्रम के दौरान एकत्रित करके भेजी जाने वाले आवेदनों का निपटारा जिलाधिकारी स्तर पर ही किए जाने के निर्देश दिए। अल्पसंख्यक कॉलोनी विकास योजना की कलबुर्गी व कोलार में धीमी प्रगति के बारे में पूछे सवाल पर अधिकारियों ने जब कहा कि पद रिक्त होने के कारण प्रगति बाधित हुई है तो मुख्यमंत्री ने रिक्त पदों की सूची मुख्य सचिव को ई-मेल के जरिए भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने जिलाधिकारियों को महीने में एक दिन छात्रावासों का आकस्मिक निरीक्षण करने, ठीक तरह से काम नहीं करने वाले वार्डन को तत्काल निलंबित करने और रिक्त पदों भरने की प्रक्रिया को वरीयता देने के
निर्देश दिए।