- अंधत्व मुक्त बल्लारी अभियान को अच्छी प्रतिक्रिया- मधुमेह मरीजों के लिए उन्नत ग्रीन लेजर सर्जरी
Karnataka सरकार ने मोतियाबिंद के ऑपरेशन में केंद्र सरकार द्वारा दिए गए लक्ष्य का 126 प्रतिशत हासिल कर लिया है।
स्वास्थ्य व चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. के. सुधाकर ने सोमवार को कहा कि इसके अतिरिक्त Diabetes के मरीजों के लिए सरकारी अस्पतालों में ग्रीन लेजर उपचार शुरू किया गया है। केंद्र सरकार ने इस साल 3,39,600 मोतियाबिंद के ऑपरेशन का लक्ष्य रखा था। निर्धारित लक्ष्य का 126 फीसदी हासिल करते हुए 4,28,451 सर्जरी हुई है। राज्य में अंधत्व उन्मूलन अभियान को अच्छी प्रतिक्रिया मिली है।
मंत्री ने बताया कि विशेष रूप से हैदराबाद-कर्नाटक और उत्तरी कर्नाटक क्षेत्र के कई लोग डायबिटिक रेटिनोपैथी से पीड़ित हैं। इनके लिए उन्नत ग्रीन लेजर उपचार शुरू किया गया है।
अन्य जिलों में लेजर उपचार का विस्तार जल्द
डॉ. सुधाकर ने बताया कि मधुमेह के कारण retinopathy धीरे-धीरे दृष्टि हानि का कारण बन सकती है। समय पर निदान और ग्रीन लेजर उपचार (green laser treatment) से समस्या का समाधान किया जा सकता है। विजयपुर जिले में पिछले एक महीने में 40 से अधिक मरीजों की सर्जरी हुई है। अन्य अस्पतालों में भी यह सर्जरी जल्द हो सकेगी।
ग्रामीण क्षेत्रों में मधुमेह मरीजों की जांच की जा रही है। सर्जरी की जरूरत पडऩे पर मरीजों को संबंधित अस्पताल रेफर किया जा रहा है।
विशेष मोबाइल उपचार शिविर
इसके अलावा, अंधत्व मुक्त बल्लारी अभियान को अच्छी प्रतिक्रिया मिली है और बल्लारी जिले के प्रत्येक तालुक में विशेष मोबाइल उपचार शिविर आयोजित किए जा रहे हैं।
60 से 70 फीसदी महिलाएं
इलाज कराने वालों में 98 फीसदी बीपीएल परिवार से हैं और लगभग 60 से 70 फीसदी महिलाएं हैं। इस बार 22 लोगों का ऑपरेशन किया गया, जिनमें 17 महिलाएं और पांच पुरुष हैं। अंधत्व मुक्त बल्लारी अभियान के तहत नि:शुल्क चश्मा वितरित किया जाता है तथा मोतियाबिंद के ऑपरेशन किए जा रहे हैं। अब तक 12,668 लोगों का इलाज किया गया है।