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मुडा भूमि आवंटन मामला : सिद्धरामय्या को समन, लोकायुक्त पुलिस 6 नवंबर को करेगी पूछताछ

मुडा मामले में मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या प्रथम आरोपी हैं। उन्हें 6 नवम्बर (बुधवार) को सुबह 10 बजे मैसूरु स्थित लोकायुक्त कार्यालय में पूछताछ के लिए बुलाया गया है।

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बेंगलूरु. मैसूरु शहरी विकास प्राधिकरण (मुडा) के वैकल्पिक भूखंड आवंटन मामले में मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या की मुश्किलें बढ़ने लगी हैं। मामले की जांच कर रही लोकायुक्त पुलिस ने अब मुख्यमंत्री को पूछताछ के लिए बुलाया है।

लोकायुक्त पुलिस के पुलिस महानिरीक्षक (आइजी) ने बताया कि मुडा मामले में मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या प्रथम आरोपी हैं। उन्हें 6 नवम्बर (बुधवार) को सुबह 10 बजे मैसूरु स्थित लोकायुक्त कार्यालय में पूछताछ के लिए बुलाया गया है। वहीं, मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या ने भी इसकी पुष्टि करते हुए सोमवार को हावेरी में कहा कि मैसूरु लोकायुक्त पुलिस ने मुडा मामले में नोटिस भेजा है। उन्हें 6 नवम्बर को पूछताछ के लिए बुलाया गया है। वह, मैसूरु जाएंगे और लोकायुक्त के समक्ष उपस्थित होंगे।

गौरतलब है कि लोकायुक्त पुलिस ने 25 अक्टूबर को सिद्धरामय्या की पत्नी बी.एम. पार्वती से पूछताछ की थी। मामले में अन्य आरोपियों और मुडा के पूर्व और वर्तमान अधिकारियों से लोकायुक्त पुलिस पहले ही पूछताछ कर चुकी है। लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक (एसपी) टी.जे. उदेश ने कहा कि सीएम को समन जारी किया गया है और बुधवार को मामले के संबंध में उनसे पूछताछ की जाएगी।

विशेष अदालत के निर्देश पर जांच

निर्वाचित प्रतिनिधियों से जुड़े मामलों के लिए बेंगलूरु की एक विशेष अदालत ने 25 सितंबर को लोकायुक्त पुलिस को मैसूरु के आरटीआई कार्यकर्ता स्नेहमयी कृष्णा की शिकायत के आधार पर सिद्धरामय्या और अन्य के खिलाफ जांच शुरू करने का निर्देश दिया था। लोकायुक्त पुलिस के अलावा प्रवर्तन निदेशालय भी मामले की जांच कर रहा है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने लोकायुक्त एफआईआर के आधार पर 30 सितंबर को सिद्धरामय्या और अन्य के खिलाफ धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत प्रवर्तन मामला सूचना रिपोर्ट (ईसीआईआर) दर्ज की।