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जानिए, कौन गुजरने वाला है सूर्य के सामने से

सौ साल में सिर्फ 13 बार घटती है यह दुर्लभ खगोलीय घटना-पोरबंदर, द्वारका, ओखा, नालिया से दिखेगा दुर्लभ नजारा

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जानिए, कौन गुजरने वाला है सूर्य के सामने से

जानिए, कौन गुजरने वाला है सूर्य के सामने से

बेंगलूरु. आगामी 11 नवम्बर 2019 को सायं सूर्य का निकटतम ग्रह बुध इसके सामने से गुजरेगा। यह एक दुर्लभ खगोलीय घटना है। बुध ग्रह की कक्षा का झुकाव, सूर्य से दूरी और परिभ्रमण काल कुछ इस तरह है कि बुध सूर्य के सामने से एक शताब्दी में 13 बार गुजरता है। पिछली बार ऐसा 9 मई 2016 के दिन हुआ था यह संयोग आगामी 11 नवम्बर को यानी कल फिर से होने जा रहा है। भारतीय ताराभौतिकी संस्थान के प्रोफेसर (सेनि) रमेश कपूर ने बताया कि ग्रहों द्वारा सूर्य का पारगमन बेहद रोमांचक खगोलीय घटनाएं हैं क्योंकि ये दुर्लभ हैं। पृथ्वी से केवल बुध और शुक्र के ही पारगमन देखे जा सकते हैं। शुक्र का परगामन वर्ष 2004 और वर्ष 2012 में हुआ। शुक्र ग्रह का कोणीय आकार बुध से 5 गुणा अधिक है। साथ ही यह हमारी दृष्टि सीमा पर ही है। फिर भी, सूर्य के चमकते गोले के सामने इसे कोरी आंख से देखना बेहद मुश्किल है। इसके मुकाबले बुध ग्रह दूरी और आकार के कारण इतना छोटा दिखता है कि इसका पारगमन देखने के लिए एक दूरबीन की जरूरत पड़ती है। सीधा देखने के लिए दूरबीन में उचित फिल्टर का प्रयोग जरूरी होता है। फिल्टर के आभाव में दूरबीन से सूर्य का बिम्ब दीवार या स्क्रीन पर प्रक्षेपित किया जा सकता है। ऐसे में बुध सूर्य के गोले पर एक बहुत छोटी बिंदी के रूप में नजर आता है। पारगमन के आरंभ में यह ग्रह सूर्य के गोले में इसकी पूर्व दिशा से प्रवेश करते हैं।पोरबंदर, द्वारका, ओखा, नालिया से नजर आएगा पारगमन पश्चिमी देशों में यह पारगमन भलि-भांति देखा जा सकेगा। इसकी पूर्ण अवधि 5 घंटे 29 मिनट है। अधिकांश भारत का भू-भाग इस बार के पारगमन से वंचित है। पारगमन का आरंभ भारतीय समय 18:05:27 पर है। उस समय अधिकांश भारत में सूर्यास्त हो चुकेगा। लेकिन, गुजरात के पश्चिमी तटवर्ती इलाकों और लक्षद्वीप में सूर्य को पूरा डूबने में कुछ मिनट बाकी रहेंगे। पारगमन के शुरुआती कुछ मिनट की झलक के लिए पोरबंदर, द्वारका, ओखा, नालिया और असपास के इलाके सर्वोत्तम हैं जहां सूर्यास्त 18:10 से 18:14 मिनट के भीतर होगा। यहां आसमान साफ रहने की भी अधिक संभावना है। ऐसे में एक छोटी बिंदी के रूप में बुध ग्रह सूर्य के मंडलक में प्रवेश करता हुआ नजर आएगा। इसके लिए दूरबीन द्वारा सूर्य के बिम्ब का स्क्रीन पर प्रक्षेपण आवश्यक है। यदि क्षितिज पर आसमान साफ है तो इस रोमांचक घटना को आप देख सकेंगे। दूरबीन से सूर्य को कभी सीधे नहीं देखें। यह आंख के लिए घातक सिद्ध हो सकता है। प्रक्षेपण विधि का इस्तेमाल आवश्यक है।