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बेंगलूरु. ऐतिहासिक मैसूर दशहरा mysore dashara के अवसर पर मैसूर राजवंश के यदुवीर कृष्णदत्ता चामराजा वाडियार ने वर्षों से चली आ रही परंपराओं के मुताबिक मैसूर पैलेस mysore palace में शमी पेड़ की पूजा की। इस दौरान यदुवीर राजसी वेशभूषा में थे। परंपराओं tradition के मुताबिक उन्होंने शेरवानी और पगड़ी पहन रखी थी। यदुवंश के 27 वें राजा यदुवीर ने शमी के पेड़ की पूजा और प्रार्थना की। दशहरा महोत्सव के अवसर पर पहलवानी वज्र मुष्टि कलगा का भी आयोजन मैसूर पैलेस में किया गया। इस महोत्सव को देखने के लिए लोग उमड़ पड़े। बड़ी संख्या में सैलानी भी इस बार दशहरा महोत्सव देखने आए हैं। मैसूर दशहरा सदियों पुरानी है। दस दिन तक चलने वाले इस महोत्सव के आखिरी दिन जम्बो सवारी निकाली जाती है जो अंबा पैलेस amba vilas palace से शुरू होकर 5 किमी की दूरी तय करती है। शाही हाथी इस महोत्सव के खास आकर्षण होते हैं। मैसूर के दशहरा जुलूस में हजारों लोग नाचते गाते हुए मां चामुंडेश्वरी की पूजा करते हैं.
Published on:
08 Oct 2019 06:39 pm
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