
कलबुर्गी. राज्य में भाजपा के पक्ष में चल रही लहर को देखते हुए पार्टी को 150 से अधिक सीटों पर जीत मिलने से पार्टी का स्पष्ट बहुमत के साथ सत्तासीन होना तय है इसलिए सरकार बनाने के लिए जनता दल (ध) का समर्थन की आवश्यकता ही नहीं होगी। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बी.एस.येडिड्यूरप्पा ने यह बात कही।
जिले के आलंद विधानसभा क्षेत्र में चुनाव प्रचार के लिए पहुंचे येड्डियूरप्पा न यहां सोमवार को कहा कि इससे पहले जब भाजपा ने जद (ध) से समझौता कर सरकार बनाई थी, उस समय जद (ध) ने गठबंधन धर्म का पालन नहीं किया और भाजपा को सत्ता सौंपने से इनकार किया था। भाजपा जद (ध) के इस व्यवहार को नहीं भूली है। ऐसे में जद (ध) से समझौते का सवाल नहीं पैदा होता है। मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या की ओर से उनको (येड्डियूरप्पा) विकास को लेकर खुली बहस की चुनौती को लेकर पूछे सवाल के जवाब में येड्डियूरप्पा ने कहा कि रविवार को एक निजी चैनेल पर ऐसी बहस का आयोजन किया गया था। उस बहस में वे समय पर पहुंच गए थे लेकिन मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या नहीं पहुंचे।
चुनाव के बाद कांग्रेस अप्रासंगिक : शोभा
बेंगलूरु. मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या को चामुंडेश्वरी तथा बादामी के मतदाता करारा जवाब देंगे और उनकी हार सुनिश्चित है। चुनाव के पश्चात कर्नाटक में सिद्धरामय्या तथा कांग्रेस दोनों अप्रासंगिक हो जाएंगे। प्रदेश भाजपा की महासचिव शोभा करंदलाजे ने यह बात कही। उन्होंने कहा कि पांच वर्ष के दौरान घोटाला रहित, भ्रष्टाचार रहित स्वच्छ प्रशासन का दावा करने वाले मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या को क्यों दो-दो सीटों से चुनाव लडऩे की नौबत आ पड़ी इस बात का जवाब उन्हें देना होगा। सत्ता में रहते समय मूल कांग्रेस के नेताओं की अनदेखी और एक पक्षीय फैसले करने वाले सिद्धरामय्या से मूल कांग्रेस नेता नाराज हैं। ऐसे नेता निष्क्रिय होने के इन नेताओं का सिद्धरामय्या को समर्थन नहीं मिल रहा है। इस कारण से सीएम की स्थिति और डावांडोल हो गई है।
Published on:
08 May 2018 01:13 am
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