शिवमोग्गा में विशाल रैली के आयोजन की तैयारी
बेंगलूरु. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दक्षिण कन्नड़ जिले के बाद अब मलनाडु क्षेत्र में भी अपनी शक्ति का प्रदर्शन करेंगे। मोदी अगले माह अक्टूबर के दूसरे या तीसरे सप्ताह में मलनाड क्षेत्र के मुख्य द्वार शिवमोग्गा का दौरा करेंगे।
मध्य कर्नाटक के दावणगेरे, चित्रदुर्ग, चिकमगलूरु और शिवमोग्गा जिले के कार्यकताओं को एकत्रित किया जाएगा। शिवमोग्गा के केएससीए स्टेडियम में विशाल रैली आयोजन होगा। अगर यहां जगह नहीं मिली तो बाहरी क्षेत्र में आयोजन पर भी चर्चा हो रही है। पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येडियूरप्पा ने प्रधानमंत्री को आमंत्रित करने में विशेष रुचि दिखाई है। वह इस माह के अंत में नई दिल्ली का दौरा कर प्रधानमंत्री को आमंत्रित करेंगे। प्रधानमंत्री इस दौरे के दौरान कुछ परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे और नई परियोजनाओं का शिलान्यास भी करेंगे।
शिवमोग्गा जिले में संघ परिवार के कार्यकर्ताओं पर हमले, बजरंग दल कार्यकर्ता की हत्या और अन्य हिंसक घटनाएओं से भाजपा कार्यकर्ता आक्रोशित हैं। कई कार्यकर्ताओं ने सामूहिक इस्तीफे भी देने का फैसला लिया था। मोदी के मेंगलूरु दौरे ने कार्यकर्ताओं में नया जोश पैदा किया। इसी तरह अब मलनाड क्षेत्र का दौरा कर वे वहां के कार्यकर्ताओं में आत्मविश्वास पैदा करेंगे।
येडियूरप्पा को पार्टी संगठन में बड़ा ओहदा मिलने के बाद प्रदेश में उनकी बातों को काफी अहमियत दी जा रही है। उनके हर सुझाव और फैसले को समर्थन मिल रहा है। प्रदेश के भाजपा नेता और पदाधिकारियों के अलावा मुख्यमंत्री और अन्य मंत्री भी येडियूरप्पा से हर बात के लिए सुझाव ले रहे हैं।
कोई भी कर सकता है नेत्रदान : स्वास्थ्य मंत्री
बेंगलूरु. नेत्रदान पखवाड़े के तहत स्वास्थ्य विभाग ने सोमवार को विधान सौधा से कंठीरवा स्टेडियम तक जागरूकता वॉकथॉन का आयोजन किया। स्वास्थ्य व चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. के. सुधाकर ने वॉकाथॉन को हरी झंडी दिखाई।
लोगों से नेत्रदान की अपील करते हुए उन्होंने कहा कि शरीर के अंगों को जलाने या दफनाने से बेहतर है कि यह किसी जरूरतमंद के काम आए। उम्र, लिंग, धर्म, रक्त समूह की परवाह किए बिना कोई भी व्यक्ति नेत्रदान कर सकता है। नेत्रदान तब भी हो सकता है जब व्यक्ति मधुमेह, मोतियाबिंद, ग्लूकोमा, उच्च रक्तचाप, हृदय संबंधी समस्याओं या अस्थमा आदि से जूझ रहा हो। नेत्र दाता और लाभान्वितों सहित इनके परिजनों ने वाकाथॉन में हिस्सा लिया। नेत्रदाताओं के परिजनों को यूनिफॉर्म नेत्रदान प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया।