
मंडूर ग्राम पंचायत का पीडीओ निलंबित
बेंगलूरु. बेंगलूरु शहरी जिला पंचायत की मुख्य कार्यकारी अधिकारी अर्चना ने अनुसूचित जाति, जनजाति और पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित पच्चीस फीसदी अनुदान की राशि गबन करने के आरोप में मंडूर ग्राम पंचायत के पंचायत विकास अधिकारी (पीडीओ) पूणच्चा को निलंबित किया है।
अर्चना ने बताया कि सरकार द्वारा पिछले साल अजा-जजा और पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित ८४.२५ लाख रुपए में से केवल २०.१६ लाख रुपए खर्च कर शेष ६०.२६ लाखरुपए निजी कामों के लिए खर्च किए गए। उसने अपने अधिकार का गलत इस्तेमाल कर ३० लाख रुपए का कर्ज रिश्तेदारों को दिलाया। पूणच्चा ने निविदाएं आमंत्रित किए बगैर खरीदी की थी, जिसमें विक्रेताओं से कमीशन लिया। उन्होंने कहा कि पूणच्चा के पास लाभाार्थियों की सूची, अनुदान का खर्च और चीजों की खरीदी से संंबंधित कोई दस्तावेज नहीं थे।
घरेलू चीजें, सोलर लाइट, यूपीएस और अन्य चीजों भी लाभार्थियों के बजाए रिश्तेदारों को आवंटित की हैं। ग्राम पंचायतों में रखे जाने वाले रिकार्ड पुस्तकों को जला दिया गया था। कई बार वह काम से गैर हाजिर रहा था। कई गांवों का दौरा कर बिजली और पानी के बिल की राशि लोगों से संग्रहित कर सरकार को भुगतान करने के बजाए यह रकम अपने निजी कामों के लिए खर्च की थी। जिसके कई गांवों में नागरिकों के लिए बिजली और पानी का संपर्क काट दिया था।
चोरों का अंतरराज्यीय गिरोह गिरफ्तार
मैसूरु. केंद्रीय अपराध जांच शाखा (सीसीबी) दल ने अंतरराज्यीय ने एक चोर गिरोह के पांच सदस्यों को गिरफ्तार कर आभूषण जब्त किए हैं। गिरोह के सदस्यों की पहचान मध्यप्रदेश के धार जिले के बगोली गांव निवासी भरत (२७), थालिया (२५), मानसिंह (३०), आनंद सिंह (२१) और दार सिंह (४७) के तौर पर की गई है। इनके कब्जे से १० लाख रुपए कीमत के सोने व चांदी के आभूषण, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और अन्य कीमती चीजें मिली हैं।
गिरोह के खिलाफ मैसूरु में १३, बेंगलूरु में ३, तमिलनाडु में ४, भद्रावती में ४ और अन्य पुलिस थानों में कुल २८ मामले दर्ज हैं। अकेले भरत के खिलाफ ही २३ मामले दर्ज हैं। गिरोह चोरी की वारदात को अंजाम देने के बाद निजी वाहनों से गांव लौट जाते और वहां सामान बेचते थे।
आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद चोरी का सामान बरामद करना ही सबसे मुश्किल का काम था। जब पुलिस ने बगोली गांव पर छापा मारा तो ग्रामीणों ने पुलिस दल पर पथराव कर लौट जाने की धमकी दी थी। इस गांव में अधिकांश लोग दूसरे राज्यों में जाकर चोरी करते हैं। आरोपी ठेला गाड़ी में सब्जी बेचने के बहाने मकानों की निशानदेही कर चोरियां करते थे। आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस उपायुक्त विक्रम आम्टे के नेतृत्व में एक विशेष दल गठित किया था। मैसूरु के पुलिस आयुक्त सुब्रमण्येश्वर राव ने नागरिकों से अनुरोध किया है कि वह मकानों में हैंङ्क्षगग लॉक (लटकते तालों) के बजाए डोर लॉक का इस्तेेमाल करें। कई दिनों के लिए घर से बाहर जाने की स्थिति में स्थानीय थाने में पुलिस को जानकारी दें, ताकि पुलिस गश्त कर घरों की रक्षा करे।
Published on:
22 Jan 2019 11:04 pm
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