
गौरी लंकेश की हत्या में इस्तेमाल पिस्तौल जब्त
बेंगलूरु. विशेष जांच दल (एसआइटी) ने गौरी लंकेश की हत्या में इस्तेमाल हुई पिस्तौल आखिरकार बरामद कर ली है। एसआइटी ने 7.65 एमएम पिस्तौल जब्त कर जांंच तेज कर दी है। हत्या से पहले आरोपियों ने इसी पिस्तौल से गोली चलाने का प्रशिक्षण लिया था।
एसआइटी ने जब्त पिस्तौल को जंाच के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) को भेजा। एफएसएल की रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि गौरी लंकेश की हत्या इसी पिस्तौल से की गई। आरोपी परशुराम बाघमारे और सहायक गणेश मिस्किनबेंगलूरु के राजराजेश्वरी नगर स्थित गौरी लंकेश के निवास के बाहर प्रतीक्षा करते रहे। शाम साढ़े सात बजे के करीब गौरी कार से आईं। उन्होंने कार से उतर कर चारदीवारी का गेट खोला और कार खड़ी कर घर के अंदर जाने लगीं, इसी दौरान उन पर गोलियां दागी गईं। एसआइटी ने बेलगावी के जंगल से कई कारतूस के खोल भी जब्त किए थे, यहीं पर आरोपियों ने गोली चलाने का अभ्यास किया था। जांच दल ने गत वर्ष महाराष्ट्र पुलिस और पुणे की महाराष्ट्र आतंक निरोधक दल (एटीएस) के जरिए कुल 16 पिस्तौल जब्त कर जांच के लिए एफएसएल भेजी थीं। एफएसएल ने रिपोर्ट में बताया है कि गौरी लंकेश के शरीर से मिली तीनगोलियां एक पिस्तौल में इस्तेमाल की गई थीं। यह पिस्तौल 7.65 एमएम की है, जो भारत निर्मित है। एसआइटी को अब एक वैज्ञानिक सबूतमिल गया है।
Published on:
05 Jun 2019 08:03 pm
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