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आयकर विभाग के पत्र से उपजा राजनीतिक विवाद

आयकर विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी के राज्य के पुलिस प्रमुख को अपने विभाग के अधिकारियों के ठिकानों पर राज्य के भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो

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बेंगलूरु. आयकर विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी के राज्य के पुलिस प्रमुख को अपने विभाग के अधिकारियों के ठिकानों पर राज्य के भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) के संभावित छापों को लेकर लिखे गए पत्र को लेकर राजनीतिक विवाद की स्थिति पैदा हो गई है।

आयकर विभाग के अधिकारी का पत्र सामने आने के बाद मुख्य विपक्षी पार्टी भाजपा ने सिद्धरामय्या के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार पर निशाना साधा है तो सरकार ने मामले पर सफाई देते हुए कहा कि एसीबी को ऐसी किसी कार्रवाई के लिए निर्देश नहीं दिया गया है और एसीबी अपने अधिकार क्षेत्र में ही रहकर कार्रवाई कर सकती है।


आयकर विभाग के अतिरिक्त महानिदेशक (गुप्तचर) बाला कृष्णन ने एक पखवाड़े पहले राज्य के पुलिस महानिदेशक रुपक कुमार दत्ता को पत्र लिखा था जिसमें कहा गया था कि उन्हें इस बात की जानकारी मिली है कि एसीबी आयकर अधिकारियों के ठिकानों पर छापा मार सकती है। कहा जा रहा है कि एसीबी उन अधिकारियों के यहां छापा मारने की तैयारी कर रही थी जो कांग्रेस के नेताओं व मंत्रियों के पड़े छापे में शामिल थे।

पत्र में कृष्णन ने कहा था कि आयकर विभाग केंद्र सरकार के अधीन आता है लिहाजा एसीबी को विभाग के अधिकारियों पर छापा मारने का अधिकार नहीं है। पत्र में कहा गया था कि अगर एसीबी के पास विभाग के अधिकारियों के खिलाफ अनियमितता अथवा भ्रष्टाचार से जुड़े सबूत हैं तो उसे प्रक्रिया के मुताबिक विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों अथवा केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के संज्ञान में लाया जाना चाहिए।


कृष्णन के पत्र का जबाव भी राज्य पुलिस ने दे दिया था लेकिन गुरुवार को विभाग के पत्र की जानकारी ही पहले मीडिया में सामने आई जिसके कारण विवाद की स्थिति बनी। राज्य पुलिस ने विभाग को दिए गए जबाव में साफ तौर पर कहा था कि एसीबी के पास ऐसी कार्रवाई की कोई योजना नहीं है और ना ही उसके पास इस तरह की कार्रवाई का अधिकार है। राज्य पुलिस ने साफ तौर पर कहा था कि आयकर विभाग को इस बारे में मिली सूचना पूरी तरह से गलत है।

सरकार को बदनाम करने की साजिश : रेड्डी
आयकर विभाग के अधिकारी के पत्र से उपजे विवाद और भाजपा के आरोपों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए गृह मंत्री रामलिंगा रेड्डी ने कहा कि एसीबी को इस तरह की कार्रवाई के लिए कोई आदेश नहीं दिया गया है। उन्होंने इस बात से इनकार किया एसीबी प्रमुख एम एन रेड्डी के साथ उन्होंने कोई गुप्त बैठक की।

रेड्डी ने कहा कि केंद्र सरकार के कर्मचारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार की शिकायत सीबीआई या केंद्रीय सतर्कता आयोग से करनी पड़ती है। एसीबी को अपने क्षेत्राधिकार का पता है और उसके कामकाज में राज्य सरकार का कोई दखल नहीं है। रेड्डी ने कहा कि पत्र में छापे की आशंका जताना या तो गलत सूचना पर आधारित है अथवा अत्यधिक कल्पनाशीलता का परिणाम क्योंकि एसीबी के पास आयकर अधिकारियों के खिलाफ छापा मारने का अधिकार नहीं है।

उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार को बदनाम करने के लिए इस तरह के बेबुनियाद मसलों को फैला रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा नीत केंद्र सरकार कांग्रेस नेताओं को निशाना बनाने के लिए आयकर विभाग और प्रवर्तन निदेशालय जैसी सरकारी एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा विधानसभा चुनाव से कांग्रेस सरकार की छवि खराब करने के लिए ऐसे आरोप लगा रही है।