
वन संपदा की रक्षा सामाजिक अभियान बने : मुख्यमंत्री
बेंगलूरु. जैविक विविधता तथा वन संपदा की रक्षा सामाजिक अभियान बनना चाहिए। मुख्यमंत्री बीएस येडियूरप्पा ने यह बात कही। पैलेस मैदान में वन दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित 'कावेरी कुगु Ó कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि वर्ष 2021-22 के बजट में भी वन संपदा की सुरक्षा तथा संवर्धन के लिए 2 हजार 945 अनुदान आवंटित किया गया है। राज्य में वन विभाग के विशेष प्रयासों के कारण 1045 वर्ग किलोमीटर वन क्षेत्र 2019 वर्ग किलोमीटर तक विस्तारित हुआ है।
केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावडेकर ने कहा कि बेंगलूरु शहर उद्यानों के शहर के नाम से पूरे विश्व में मशहूर है। उद्यानों के बगैर शहरों की कल्पना भी नहीं की जा सकती है। देश के विभिन्न 200 शहरों में उद्यानों के विकास के लिए विशेष योजना तैयार की गई है। उन्होंने कहा कि कर्नाटक को वन संपदा का वरदान मिला है। कर्नाटक के वनक्षेत्र में काफी तेजी से विस्तार हो रहा है।
उन्होंने कहा कि विश्व की विभिन्न संस्कृतियों का विकास नदियों के तटों पर ही हुआ है। जल के बगैर हम जीवन की कल्पना भी नहीं कर सकते है। लिहाजा पानी को जीवन भी कहा जाता है।
इस अवसर पर उपस्थित सदगुरु जग्गी वासूदेव ने कहा कि सदियों से देश में वन रक्षा की जा रही है। विकास के नाम पर हम वनक्षेत्रों पर आक्रमण कर रहे है। जिस कारण मानव तथा वन्यजीवों के बीच संघर्ष बढ़ रहा है। वन्यजीवों को अब वनक्षेत्र में भोजन और पानी नहीं मिलने के कारण वे आवासीय क्षेत्रों का रुख कर रहे है। इस समस्या का स्थायी समाधान किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि वनक्षेत्रों में गिरावट के कारण बारिश कम हो रही है जिसके कारण नदियां सूख रही हैं। जलसंपदा कम होने के कारण विभिन्न राज्यों के बीच पानी के बंटवारे को लेकर तनाव पैदा हो रहा है। यह विश्व केवल मानव के लिए नहीं बना है। विश्व में सभी जीवों को जीने का अधिकार है।
उन्होंने कहा कि पहले किसान खेतों में विभिन्न किस्म के पेड़ लगाते थे लेकिन अब केवल फसलों पर ही ध्यान दिया जा रहा है। औषधीय पौधों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
Published on:
23 Mar 2021 05:33 am

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