सुविधा नहीं दीं
योगेश शर्मा
बेंगलूरु. रेलवे ने जमाने का बोझा ढोने वाले कुलियों का पदनाम तो बदल दिया लेकिन सुविधाओं में कोई खास इजाफा नहीं किया। इसलिए देश भर के कुली आज भी सुविधाओं के लिए दर-दर के मोहताज हैं। हाल ये है कि रेलवे ने कोरोना के बाद कुलियों को यूनिफॉर्म भी नहीं दी है जबकि यूनिफॉर्म बाबत पांच रुपए की रसीद हर माह काटी जा रही है। रेलवे के उच्चाधिकारियों का कहना है कि अगले एक-दो महीनों में सभी कुलियों को यूनिफॉर्म उपलब्ध करा दी जाएगी। जानकारी के अनुसार दक्षिण पश्चिम रेलवे के क्षेत्राधिकार वाले मैसूरु, हुब्बल्ली और बेंगलूरु के स्टेशनों पर करीब साढ़े छह सौ कुली यात्रियों का सामान उठाकर अपने परिवार का पालन पोषण कर रहे हैं। वर्ष 2020 में आई कोरोना महामारी ने कुलियों को दाने-दाने को मोहताज कर दिया था। जैसे-तैसे कुलियों ने खुद को संभाला और करीब तीन माह बाद ट्रेनें फिर से शुरू होने पर कुछ रोजगार की आस बंधी।
राजस्थान पत्रिका ने कुलियों से उनकी समस्या को लेकर बात की तो कुलियों ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि रेलवे ने उन्हें कुली से सहायक तो बना दिया लेकिन सुविधा के नाम पर कुछ भी नहीं दिया है। उन्हें साल में एक बार फ्री पास व दो पीटीओ दिया जाता है। रेलवे ने उन्हें आउटडोर चिकित्सा की सुविधा तो दी है लेकिन गंभीर रूप से बीमार होने पर उन्हें इन-पेशेंट चिकित्सा सुविधा नहीं दी है। कुलियों की मांग है कि रेलवे के अन्य सहायक कर्मचारियों की तरह उन्हें भी रेलवे के अस्पताल में भर्ती होकर उपचार की सुविधा दी जाए। कुलियाें ने बताया कि उन्हें कोरोना के बाद से यूनिफार्म भी नहीं दी जा ही है जबकि रेलवे उनसे प्रति माह पांच रुपए यूनिफॉर्म के नाम से लगातार ले रहा है।
इनका कहना हैदक्षिण पश्चिम रेलवे के बेंगलूरु के जनसंपर्क अधिकारी ने बताया कि जोन में कुल 649 सहायक (कुली) हैं।इनमें हुब्बल्ली में 114, मैसूरु में 75 तथा बेंगलूरु में 460 कुली हैँ। रेलवे की ओर से कुलियों (सहायक) को अगले एक-दो महीने में यूनिफॉर्म उपलब्ध करा दी जाएगी। इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उन्होंने बताया कि कुलियों (सहायक) को रेलवे चिकित्सालय में इन-पेशेंट चिकित्सा सुविधा के लिए केंद्र सरकार की आयुष्मान भारत योजना के तहत भर्ती रहकर उपचार की सुविधा शुरू की गई है। इसके अलावा रेलवे किसी भी कुली की मृत्यु की स्थिति में उसके परिवार वालों को बैज ट्रांसफर कर उसके परिवार के रोजगार की सुविधा भी प्रदान करती है।