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ग्लोबल डाउन सिंड्रोम फैशन शो में शामिल होंगी रेजी

- अमरीका में 12 नवंबर को होगा 'बी ब्यूटीफुल, बी योरसेल्फ' शो का आयोजन

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ग्लोबल डाउन सिंड्रोम फैशन शो में शामिल होंगी रेजी

ग्लोबल डाउन सिंड्रोम फैशन शो में शामिल होंगी रेजी

निखिल कुमार.

America के कोलोराडो में 12 नवंबर को Global Down Syndrome Foundation के 'Be Beautiful, Be Yourself" वार्षिक फैशन शो के लिए शहर की रीजा रेजी (23) को चुना गया है। रेजी खुद डाउन सिंड्रोम से पीडि़त हैं और इस शो के लिए चुनी जाने वाली पहली भारतीय हैं। संज्ञानात्मक स्वास्थ्य समस्याओं पर अनुसंधान के लिए धन जुटाने के उद्देश्य से हर वर्ष इस शो का आयोजन होता है।

देश का गौरव बढ़ाया
दरअसल, Rija Reji का चयन इसी साल फरवरी में Online Audition में हुआ था। मानदंड उनकी वेशभूष थी। उन्होंने इंडो-वेस्टर्न फ्यूजन लुक चुना था। व्यक्तित्व संबंधित सवालों और रैंप वॉक में उन्होंने खुद को साबित कर यह सफलता हासिल की और देश का गौरव बढ़ाया। रेजी का हमेशा से कला की ओर झुकाव रहा है। रेजी एक प्रशिक्षित डांसर भी हैं।

उत्साहित और बेचैन भी
रेजी ने बताया कि कला और थिएटर का उनके जीवन और सोच पर गहरा प्रभाव पड़ा है। विचारों और भावनाओं को बेहतर तरीके से व्यक्त करने में मदद मिली। ऑडिशन के दौरान आत्मविश्वास बढ़ा। रेजी ने कहा कि इस फैशन शो के लिए चयन से वे उत्साहित के साथ ही बेचैन भी हैं। वे मौखिक कौशल को बेहतर करने के साथ-साथ शो की तैयारी में जुट गई हैं।

बीमारी को बनाया ताकत
नि: शक्तजनों के कल्याण के लिए कार्यरत 'Beautiful Together' संस्थान की सह संस्थापक और रेजी की मां अनिता रेजी ने पत्रिका से विशेष बातचीत में बताया कि उनकी बेटी मौखिक रूप से सक्रिय है और अपनी भावनाओं के बारे में बहुत स्पष्ट है। वह अपनी विकलांगता के पीछे खुद को छुपाती नहीं है। बेटी को रचनात्मक और कलात्मक क्षेत्र में जाने का बहुत शौक है और लोगों के साथ घुलना-मिलना पसंद है।

प्रतिभा को पहचानें
उन्होंने कहा कि देश में अब भी ज्यादातर कल्याणकारी योजनाएं शारीरिक नि:शक्तता को ध्यान में रख कर बनाई जाती हैं। दिव्यांग जन हमारे अपने ही बीच के हैं। इन लोगों को अपनेपन की महत्ती जरूरत है। प्रत्येक नि:शक्त बच्चे में एक अलग प्रतिभा छिपी होती है, जिसे समझने की जरूरत है। इसके बाद ये लोग स्वयं अपनी राह पर चल पड़ते हैं। दिव्यांग जनों को समाज की मुख्य धारा से भी जोड़े जाने की जरूरत है।