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श्रद्धा, निष्ठा के बीच बही मानवसेवा की बयार

आचार्य रत्नाकर सूरीश्वर के 61वें वर्ष में प्रवेश पर उत्सव
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बैंगलोर

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Rajendra Shekhar Vyas

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Updated: 28 Aug 2018, 9:28 PM IST

jain dharm

श्रद्धा, निष्ठा के बीच बही मानवसेवा की बयार

बेंगलूरु. राजस्थान जैन श्वेताम्बर मूर्तिपूजक संघ जयनगर के तत्वावधान में रविवार को शहर के जयनगर में आचार्य रत्नाकर सूरीश्वर के 61वें वर्ष प्रवेश के उपलक्ष्य में आयोजित धर्मसभा में देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचे सैकड़ों भक्तों ने श्रद्धा, निष्ठा के साथ कर्नाटक के बाढ़ प्रभावित कोडुगू जिले के सहायता राशि घोषित कर गुरुभक्ति के अनूठे अवसर पर चार चांद लगाए। सामूहिक गुरुवंदना के पश्चात आचार्य के मंगलाचरण से धर्मसभा का आरंभ हुआ। जयनगर श्रीसंघ के अध्यक्ष चम्पालाल कोठारी ने स्वागत करते हुए आचार्य की अब तक की शासन प्रभावक संयम यात्रा पर प्रकाश डाला। उसके पश्चात जयनगर मंदिर के उपाध्यक्ष राजेश गिरिया, मोहनलाल नानेशा मांगीलाल चौहाण समेत सभी विभिन्न संघों के गणमान्यों ने दीप प्रज्वलित किया। इस दौरान आचार्य द्वारा लिखित पांच प्रतिकमण, गुरुवंदन, चैत्यवंदन समेत 4 धार्मिक पुस्तकों का विमोचन किया गया।
जीवदया हमारा कर्तव्य
आचार्य रत्नाकर सूरीश्वर ने धर्मसभा में कहा कि जीवदया तथा मानव सेवा सबसे महान है। जीवदया तथा मानव सेवा में सहयोग करना हर श्रावक का कर्तव्य है। मानव सेवा तथा जीवदया से मिलेने वाली आत्मिक आनंद की अनूभूति और कहीं नहीं है। आज हम कर्नाटक में रहते हैं यहां के कोडुगू जिले में भारी बारिश के कारण तबाही हुई है। ऐसी स्थिति में वहां के लोगों की सहायता हमारा दायित्व है। आचार्य ने इस बाढ़ प्रभावितों की सहायता के लिए एक योजना घोषित की। भक्तों ने इसमें हर्षपूर्वक भाग लिया और आवश्यक सामग्री तथा आर्थिक मदद की घोषणा की।आचार्य की प्रेरणा से 400 वर्ष पुराने मंत्रों पर आधारित सिद्ध भगवंत के 1008 विशेषणों की नामावली पर आधारित पुष्पा राठौड़ सुरों से सुसज्जित गीत की सीडी लांच की। प्रकाश राठौड़ ने कहा कि आचार्य ने मारवाड़ के छोटे-छोटे गांवों में शासनप्रभावक सुकृत कार्यों अनूठी पहचान बनाई है।
आचार्य ने शंकरपुरम में प्रस्तावित अदिनाथ जिनालय के लिए 20 अक्टूबर को खनन मुहूर्त तथा 25 अक्टूबर 2018 को शिलान्यास, मैसूरु के सुमतिनाथ जिनालय की प्रतिष्ठा महोत्सव के लिए 10 मार्च 2019, भवानीपेट पुणे के शंखेश्वर पाŸवनाथ जिनालय के लिए 10 मई 2019 को मुहूर्त प्रदान किया। उसके पश्चात आचार्यश्री को मालवाड़, इचलकरंजी, कोल्हापुर, मैसूरु, भाभण, सियागरा, पोषाणा चेन्नई 72 जिनालय, वीवीपुरम, नगरथपेट, के संघों ने चातुर्मास की विनती की। उसके पश्चात जयनगर संघ के मंत्री चन्द्रकुमार संघवी ने जैन भवन के निर्माण की जानकारी दी। संचालन संगीतकार विनित गेमावत तथा रोहित गुरु ने किया। तेजराज गुलेच्छा, जीतो बेंगलूरु चैप्टर के अध्यक्ष पारसमल भंडारी, पृथ्वीराज, चैनराज जैन, हीराचंद खरगांधी, राजेशकुमार जैन, रमेश कुमार हरण, विजयराज कांगटाणी, मनोहरमल भंडारी, भूरमल गांधी, सुरेश कुमार भंडारी, भंवरलाल भंडारी समेत सैकड़ों गुरु भक्त उपस्थित थे।
मैसूरु संघ ने की चातुर्मास की विनती
सुमतिनाथ जैन श्वेताम्बर मूर्तिपूजक संघ, मैसूरु के ट्रस्ट मंडल के 300 से अधिक सदस्यों ने रविवार को जयनगर में आचार्य रत्नाकर सूरीश्वर से आगामी चातुर्मास मैसूरु में करने की विनती की। अशोक कुमार सालेचा एवं हंसराज पगारिया ने मैसूर पिंजरापोल की विस्तृत जानकारी आचार्य को दी। आचार्य ने 10 मार्च 2019 का शुभ मुहुत्र्त प्रदान किया। इस पर संघ के सदस्यों ने जय जयकार के साथ आचार्य के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की। इस अवसर पर मंगलचंद जैन, कान्तिलाल पोरवाल, रमेश श्रीश्रीमाल, हीराचंद कांगटाणी आदि मौजूद रहे।