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उत्तीर्णांक देकर प्रोमोट किए जाएंगे द्वितीय के रिपीटर्स

- कर्नाटक उच्च न्यायालय को दी जानकारी- 31 जुलाई के पहले जारी होंगे नतीजे

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बेंगलूरु. राज्य सरकार ने सोमवार को उच्च न्यायालय को सूचित किया कि गत वर्ष द्वितीय पीयूसी परीक्षा में उत्तीर्ण नहीं होने वाले निजी अभ्यर्थियों सहित सभी रिपीटर्स को सरकार उत्तीर्णांक देकर प्रोमोट करेगी। जरूरी पडऩे पर पांच कृपांक अंक भी दिए जाएंगे।

सरकार ने न्यायालय को यह भी बताया कि बिना परीक्षा के प्रोमोट होने वाले फ्रेस अभ्यर्थियों को प्रदेश बोर्ड 10वीं यानी एसएसएलसी और प्रथम पीयूसी परीक्षा में प्रदर्शन के आधार पर 45-45 फीसदी अंक दिए जाएंगे जबकि शेष 10 फीसदी अंक द्वितीय पीयूसी के आंतरिक मूल्यांकन पर आधारित होंगे। 31 जुलाई के पहले नतीजे जारी होंगे।

नए प्राइवेट अभ्यर्थियों के मुद्दे पर कोर्ट को बताया गया कि परीक्षा 31 अगस्त से पहले कराई जाएगी और 20 सितंबर या उससे पहले नतीजे घोषित किए जाएंगे।

इन सभी को रिकॉर्ड करते हुए, जस्टिस बी.वी. एन. नागरत्ना की अध्यक्षता वाली एक खंडपीठ ने ज्ञानमंदिर एजुकेशन ट्रस्टए बेंगलूरु के सचिव एस.वी. सिंगर गौड़ा द्वारा दायर जनहित याचिका का निपटारा किया।

याचिकाकर्ता ने दावा किया था कि रिपीटर्स और द्वितीय पीयूसी परीक्षा में उत्तीर्ण नहीं हो सके अभ्यर्थियों को कोविड की स्थिति में ढील के बाद परीक्षा लिखने के लिए मजबूर किया जा रहा है जबकि नए अभ्यर्थियों को उनके पहले पीयूसी अंकों के आधार पर बिना किसी परीक्षा के प्रोमोट किया गया है और यह भेदभावपूर्ण है।