
कलबुर्गी. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सरकार की नीतिगत खामियों लेकर निशाना साधा। राहुल ने कहा कि मोदी सरकार संघ के इशारे पर चल रही है। संघ मोदी और बाकी केंंद्रीय मंत्रियों को राजग सरकार की नीतियों और कार्यक्रम निर्धारण को लेकर सुझाव देता है। हर विभाग और मंत्रालय में संघ ने अपना आदमी बैठा रखा है।
दो महीने बाद होने वाले विधानसभा चुनाव से हैदराबाद-कर्नाटक क्षेत्र की चार दिवसीय जन आशीर्वाद यात्रा के समापन से पहले कारोबारियों और पेशेवरों से संवाद के दौरान राहुल ने यह बात कही। राहुल ने कहा कि केंद्र सरकार के हर मंत्रालय में संघ की पृष्ठभूमि वाला एक विशेष कार्य अधिकारी (ओएसडी) तैनात है। मंत्री अपनी इच्छा से काम नहीं करते, संघ उन्हें बताता है कि क्या करना है। राहुल ने कहा कि मंत्रालयों और विभागों में सचिवों की नियुक्ति भी संघ की मर्जी के बिना नहीं होता।
संघ के दबाव में मोदी ने की थी नोटबंदी
नोटबंदी को देश की सबसे बड़ी त्रासदी बताते हुए राहुल ने लोगों से पूछा कि क्या आप जानते हैं कि नोटबंदी का विचार किसका था? किसने ऐसा करने का सुझाव प्रधानमंत्री को दिया? राहुल ने कहा कि नोटबंदी का विचार न तो भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) का था, ना केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली या वित्त मंत्रालय के किसी अधिकारी का ही। राहुल ने कहा कि यह विचार सरकार के बजाय संघ के एक पदाधिकारी के दिमाग की उपज थी। संघ ने मोदी को यह विचार दिया और मोदी ने इस पर काम किया। राहुल ने कहा कि आनन-फानन और बिना तैयारी की गई नोटबंदी के कारण भ्रष्टाचारियों को कालाधन सफेद करने का अवसर मिला।
हर संस्था पर कब्जा करने की कोशिश
देश की शासन व्यवस्था में संघ परिवार के दखल की आलोचना करते हुए राहुल ने कहा कि भाजपा देश की विभिन्न संस्थाओं पर कब्जा करने की कोशिश कर रही है और संघ अपने लोगों को हर संस्था में डालने की कोशिश में है। भाजपा का एक ही लक्ष्य है, हर संस्था पर कब्जा करो। संस्थाओं को न तो जनहित में काम नहीं करने दो और ना ही उन पर जनता का नियंत्रण रहने दो। भारतीय चिकित्सा परिषद (एमसीआई) के पुनर्गठन की कोशिश की आलोचना करते हुए राहुल ने कहा कि एक राजनीतिक दल के तौर पर हमारा काम राजनीतिक व्यवस्था को संचालित करना है ना कि संस्थाओं को कब्जा करना या उसे संचालित करना। राहुल ने कहा कि मोदी सरकार ने योजना आयोग को खत्म कर नीति आयोग बनाया लेकिन वहां संघ के विचारकों को ही जगह मिली। राहुल ने कहा कि हमारा मानना है कि संस्थाएं पार्टी के लिए नहीं, लोगों के लिए है। राहुल ने कहा कि कांग्रेस संस्थाओं के लोकतांत्रिकीकरण की पक्षधर है जबकि भाजपा संस्थाओं को नौकरशाही के सहारे चलाने की हिमायती है। राहुल ने कहा कि अगर एक बार आपने संस्थाओं को राजनीतिक नियंत्रण में ले लिया तो आपको पता नहीं होगा कि आगे क्या करना है। राहुल ने कहा कि भाजपा के विपरीत कांग्रेस नीतियां और कार्यक्रम तय करने के लिए पेशेवरों और आमलोगों से राय लेती है। राहुल ने कहा कि भाजपा लोगों को यह समझाने की कोशिश करती है कि पेशेवर कुछ नहीं जानते हैं।
विदेश नीति रही विफल
राहुल ने कहा कि संघ परिवार के हर के सरकारी विभाग और संस्थान में अपने लोगों को बैठाने की कोशिश के देश की विदेश नीति की भी दुर्गति हुई है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार पाकिस्तान के बारे में डराती रहती है पर हकीकत में ज्यादा बड़ा खतरा चीन है। पाकिस्तान के अलावा नेपाल, श्रीलंका, म्यांमार, भूटान जब जगह चीन अपनी मौजूदगी बढ़ा रहा है। हाल में मालदीव संकट में चीन की भूमिका फिक्र करने वाली है क्योंकि मालदीव, भारत का गहरा दोस्त रहा है। राहुल ने कहा कि आज हालत यह है कि चीन हमारे सभी सार्क पड़ोसी देशों पर धाक जमा चुका है और भारत अलग-थलग पड़ चुका है।
Published on:
13 Feb 2018, 7:58 PM IST
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