22 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

सेवा धर्म का परम महत्व है-मुनि सुधाकर

एटीडीसी की प्रथम वर्षगांठ मनाई

less than 1 minute read
Google source verification
सेवा धर्म का परम महत्व है-मुनि सुधाकर

सेवा धर्म का परम महत्व है-मुनि सुधाकर

बेंगलूरु. तेरापंथ युवक परिषद हनुमंतनगर की ओर से संचालित देश के 50 वें आचार्य तुलसी डाइग्नोस्टिक सेंटर हनुमंतनगर के सफल एक साल पूर्ण होने पर मुनि सुधाकर ने कहा कि सेवा धर्म का परम महत्व है। सेवा परम धर्म है सेवा सहयोग सहकार की भावना सामाजिक सौहार्द के परम सूत्र है। सेवा के धागे से समाज को जोडऩा पुनीत कार्य है। एक जीव का अस्तित्व दूसरे जीव पर निर्भर करता है। किसी के अस्तित्व को नकारना भी हिंसा और पाप है। हमें सभी के अस्तित्व का सम्मान करना चाहिए। एक दूसरे के प्रति सहयोग व सेवा की भावना रखनी चाहिए। आचार्य तुलसी डायग्नोस्टिक सेंटर से लौकिक सेवा के क्षेत्र में बड़ा कार्य हो रहा है। इसके साथ साथ यह संस्थान आचार्य तुलसी के आदर्शों और सिद्धांतों का भी संवाहक व प्रचारक बने, जिससे नैतिक और चारित्रिक मूल्यों का विकास हो सके। वह बाह्य चिकित्सा के साथ-साथ आध्यात्मिक साधना से आंतरिक चिकित्सा भी हो सके। इस अवसर पर सभी पधारे अतिथियों का स्वागत संयोजक गौतम खाब्या ने किया। सभा से अध्यक्ष सुभाष बोहरा, सहमंत्री अमरचंद मांडोत, गौतम दक, महिलामण्डल से अध्यक्ष मंजू दक, उपाध्यक्ष अरुणा श्रीश्रीमाल, तेयुप से अध्यक्ष पवन बोथरा, उपाध्यक्ष कमलेश झाबक, उपाध्यक्ष महावीर चावत, मंत्री धर्मेश कोठारी, सहमंत्री अंकुश बैद, सहमंत्री ललित बोहरा, संगठनमंत्री राहुल मेहता, महावीर बोल्या, नवरत्न बोल्या, सज्जनराज कटारिया, मनोज पोरवाड़, संदीप चौधरी, स्वरूप चोपड़ा, प्रमोद श्रीश्रीमाल, विजय कटारिया, धवल बोल्या, नवरत्न बरडिय़ा, महावीर बोहरा, प्रतीक पोरवाड़, देवेंद्र आंचलिया, शुभम रांका, विक्रम पुगलिया, तेयुप परामर्शक राजेन्द्र बैद, प्रकाश बोल्या सहित अच्छी संख्या में लोगो की उपस्थिति रही। आभार संस्थापक अध्यक्ष रतन कटारिया ने जताया।