व्यापारियों पर लागू नियमों व अधिनियमों को सरल किया जाएगा
राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष सुनील सिंघी ने कहा कि व्यापारियों को व्यापार करने के लिए भयमुक्त वातावरण देंगे। राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड के तहत प्रदेश में कारोबार फले-फूलेगा और व्यापारियों के साथ देश भी खुशहाल होगा। व्यापारियों पर लागू नियमों व अधिनियमों को सरल किया जाएगा। भारत सरकार ने तय किया है कि अब एकल विंडो लाइसेंस प्रणाली होगी। अलग-अलग प्रकार के लाइसेंस की आवश्यकता नहीं होगी।
राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड और फेडरेशन ऑफ कर्नाटक चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (FKCCI) की ओर से रविवार को आयोजित व्यापारी सम्मेलन को संबोधित कर रहे Sunil Singhi ने कहा कि केंद्र सरकार ने छोटे व्यापारियों और उनके सह कर्मचारियों के लिए पेंशन योजना शुरू की है। 18 से 40 साल के व्यापारी को प्रतिमाह 55 रुपए का निवेश करना होगा जबकि 40 साल से ऊपर के व्यापारियों को 200 रुपए का प्रतिमाह निवेश करना होगा। जैसे ही निवेश की उम्र 60 साल होगी, उसके संबंधित खाते में 3000 रुपए प्रतिमाह की पेंशन आनी शुरू हो जाएगी। उन्होंने कहा, व्यापारियों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाएगा। जीएसटी के सरलीकरण के लिए बोर्ड कदम उठाएगा ताकि व्यापारियों को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो। व्यापारियों को उनका सम्मान और स्वाभिमान दोनों मिलेगा। सिंघी ने बताया कि राष्ट्रीय खुदरा व्यापार नीति (National Retail Trade Policy) तैयार है।
विश्व की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था
सांसद पी. सी. मोहन (MP PC Mohan) ने कहा कि व्यापारियों के दुख-दर्द के निवारण के लिए National Traders Welfare Board का गठन हुआ है, जो केंद्र सरकार की बड़ी सोच है। उन्होंने कहा कि कोविड महामारी के बावजूद India विश्व की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। वो दिन दूर नहीं जब भारत तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनेगा।
व्यापारियों को सशक्त बनाएगा
Karnataka के पूर्व अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक Bhaskar Rao ने कहा कि सशक्तिकरण एक शक्तिशाली उपकरण है और यह बोर्ड व्यापारियों को सशक्त बनाएगा। व्यापारियों के कंधों पर भी देश को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी है। देश के लिए अगले 40-50 वर्ष बेहद महत्वपूर्ण हैं।
कृषि क्षेत्र से भी बड़ा
इससे पहले बोर्ड के सदस्य Prakash Pirgal ने स्वागत करते हुए कहा कि 75 वर्षों में पहली बार किसी सरकार ने व्यापारियों के हितों के बारे में सोचा है। व्यापारियों और उनके कर्मचारियों के हित में केंद्र सरकार ने पहली बार यह बोर्ड गठित किया है। देश में करीब 12 करोड़ से ज्यादा व्यापारी हैं। यह कृषि क्षेत्र से भी बड़ा हो गया है। Karnataka के हर जिले में व्यापारी सम्मेलन के आयोजन की योजना है। समस्याओं के समाधान पर मंथन होगा।