
कैंपेगौड़ा के नाम पर बनेगा कौशल विकास विवि: मुख्यमंत्री
बेंगलूरु. सोलहवीं शताब्दी में नाडप्रभु कैंपेगौड़ा ने कौशल विकास के माध्यम से रोजगार का सृजन किया था। उन्हीं केे पदचिन्हों पर चलते हुए सरकार नवोन्मेषण तथा नवाचार को प्रोत्साहित करने के लिए युवाओं को कुशल बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी। कौशल विकास के लिए शहर में शीघ्र ही कैंपेगौड़ा के नाम से विश्वविद्यालय स्थापित किया जाएगा। मुख्यमंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने यह बात कही।
शहर के पैलेस मैदान में बुधवार को कन्नड़ एवं संस्कृति विभाग की ओर से बेंगलूरु शहर के संस्थापक कैंपेगौड़ा की 508वीं जयंती समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा कि 60 फीसदी राजस्व कैंपेगौड़ा द्वारा स्थापित शहर से ही प्राप्त होता है। इस शहर की आबादी अब एक करोड़ के पार है और विस्तार भी 800 वर्ग किलोमीटर तक हो गया है। ऐसे में बुनियादी सुविधाएं मुहैया करवाने को विशेष कार्य योजना की दरकार है।
सिंचाई मंत्री डी.के. शिवकुमार ने कहा कि कैंपेगौड़ा जयंती जाति, धर्म या राजनीतिक दल तक सीमित नहीं है। इसमें शहर के सभी निवासी दलगत राजनीति से उपर उठकर भाग ले रहे हैं। उद्यान नगरी के नाम से मशहूर बेंगलूरु में एक बार आने वाला व्यक्ति यहीं बसना चाहता है, यही इस शहर की खासियत है।
आदिचुंचनगिरी मठ के प्रमुख स्वामी निर्मलानंदनाथ ने कहा कि कैंपेगौड़ा को एक कुशल संवेदनशील प्रशासक के रूप में पहचाना जाता है। कई चुनौतियों से भरी राजनीति में आज कैंपेगौड़ा अधिक प्रासंगिक हो हंै। राज्य का समग्र विकास कुशल तथा संवेदनशील प्रशासकों से ही संभव है। मुख्यमंत्री एच.डी. कुमारस्वामी भी कैंपेगौड़ा की राह पर चलते हुए समाज के सभी वर्गों के विकास का चिंतन कर रहे हैं। कुमारस्वामी का यह समग्र विकास का चिंतन सराहनीय है।
समारोह में स्वामी नंजावधूत ने कुछ राजनेताओं की ओर से मुख्यमंत्री एच.डी. कुमारस्वामी की सरकार को अस्थिर किए जाने के प्रयासों का जिक्र करते हुए कहा कि इससे पहले भी भाजपा ने जब तत्कालीन मुख्यमंत्री डी.वी. सदानंद गौड़ा को सत्ता से उतारा था तब भाजपा को वर्ष 2013 के चुनाव में विपक्ष नेता बनने के लिए आवश्यक भी सीटें नहीं मिली थीं। आज जो कुमारस्वामी को परेशान कर रहे हैं, उन्हें इस बात को याद रखना होगा। समारोह में कन्नड़ एवं संस्कृति मंत्री जयमाला, बृहद उद्यम मंत्री के.जे. जार्ज, रसद मंत्री जमीर अहमद खान, महापौर संपतराज, वोक्कलिगा संघ के अध्यक्ष बेट्टेगौडा उपस्थित थे।
भव्य शोभायात्रा
इससे पहले वोक्कलिगा समुदाय के विभिन्न युवा तथा महिला संगठनों ने शहर के फ्रीडम पार्क से पैलेस मैदान तक भव्य शोभायात्रा निकाली गई। विभिन्न झांकियां शामिल थीं। कई युवा कैंपेगौड़ा जैसी वेशभूषा के साथ घोड़े पर सवार होकर शोभायात्रा में शामिल थे। वीरगासे, ढोल्लुकुणिता, कंसाले जैसे लोकनृत्य कलाकारों की टोलियां ने शोभायात्रा की शोभा बढ़ाई।
Published on:
28 Jun 2018 07:27 pm
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
