
बेंगलूरु.
ध्यान साधना के कई फायदे हैं जैसे कि तनाव कम करना, मानसिक शांति बढ़ाना और एकाग्रता में सुधार करना। यह शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद है। ध्यान करने से आत्म नियंत्रण और दैनिक जीवन में अनुशासन भी बढ़ता है।यह बातें साध्वी संयमलता ठाणा ने पिरामिड वैली में कही। उन्होंने वहां ध्यान साधना का प्रयोग किया। उन्होंने कहा कि साधना में स्थान का भी महत्वपूर्ण योग रहता है। पिरामिड के आकर के नीचे बैठकर ऐसा लगता है कि एक विशेष ऊर्जा के से पूरे शरीर में वाइब्रेशन की अनुभूति के साथ विचारों को विराम मिलता है। यह स्थान साधना के लिए अत्यंत उपयुक्त एवं शांतिदायक है।
साध्वी ने कहा कि हम जितेंद्र घोषल एवं विक्रम दुगड़ की परिकल्पना के अनुसार पिरामिड वैली आए हैं। इस मौके पर विजयनगर सभा अध्यक्ष मंगल कोचर, कार्यकारिणी सदस्य किशन सिंघी, युवक परिषद उपाध्यक्ष पवन बैद, रौनक चौरडिया, कैलाश नंगावत, कांतिलाल संचेती, अमित श्यामसुखा, प्रकाश सेठिया, महावीर सेठिया, स्वरूप चौपड़ा ,रंजीता दुगड़, निर्मला आंचलिया, ज्योति जगा, विजयनगर, हनुमंतनगर, कोरमंगला, गांधीनगर, कनकपुर रोड आदि क्षेत्रों के श्रावकों ने ध्यान साधना से आत्मशुद्धि का प्रयोग किया।
Updated on:
09 Dec 2025 07:14 pm
Published on:
09 Dec 2025 07:14 pm
