Underworld don Ravi Pujari: बताया जाता है कि वह छोटे-मोटे शिकार करने में समय जाया नहीं करता था। उसके निशाने पर ज्यादातर उद्योगपति, आइएएस अधिकारी, चिकित्सक रहते थे जो अपनी जान बचाने के लिए करोड़ों रुपए उसके हवाले कर देते थे।
बेंगलूरु. हत्या, फिरौती व रंगदारी वसूलने जैसे मामलों में कई राज्यों में वांछित गैंगस्टर रवि पुजारी पिछले कई सालों से पुलिस के लिए असंभव बना हुआ था। किसी को भी जान से मारने की धमकी देना उसके लिए मामूली बात थी।
बताया जाता है कि वह छोटे-मोटे शिकार करने में समय जाया नहीं करता था। उसके निशाने पर ज्यादातर उद्योगपति, आइएएस अधिकारी, चिकित्सक रहते थे जो अपनी जान बचाने के लिए करोड़ों रुपए उसके हवाले कर देते थे।
पास खड़े व्यक्ति का टी शर्ट
दक्षिण अफ्रीका के सेनेगल में पकड़े गए पुजारी का एक फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया जिसमें उसके पीछे खड़े एक व्यक्ति के टी शर्ट पर लिखा था १० इंडियन सेनेगल क्रिकेट क्लब। यही टी शर्ट पुजारी के लिए हथकड़ी बन गया।पुजारी के सेनेगल में होने का अनुमान लगते ही पुलिस उसके पीछे हाथ धोकर पड़ गई।
दरअसल, रवि पुजारी ने कुछ सालों से अपने काम के तरीके में बदलाव कर दिया था। अब वह बड़े, रसूखदार, मालदार नेताओं पर भी हाथ आजमाने लगा था। बताया जाता है कि मई २०१६ में उसने कांग्रेस विधायक एचएम रेवन्ना को धमकी दी थी। वर्ष २०१७ में डीके शिवकुमार के भाई डीके सुरेश को भी उसने फोन किया था। वह इंटरनेट के जरिए वाइस काल करता था। इस वजह से पुलिस हाथ मलती रह जाती थी। कहा जाता है कि कांग्रेस नेता यूटी खादर, अभयचंद जैन, रामनाथ राय भी उन नेताओं में शामिल हैं जिन्हें पुजारी ने फोन किया था।
जेडीएस-कांग्रेस की गठबंधन सरकार के समय तत्कालीन पुलिस प्रमुख नीलमणि राजू ने एडीजीपी अमन कुमार को यह जिम्मेदारी सौंपी थी कि वे हर हाल में पुजारी को ढूंढ़ निकालें। आज बेंगलूरु पुलिस के सवालों से घिरा पुजारी जरूर उस व्यक्ति को कोस रहा होगा जिसने वह टी शर्ट पहना हुआ था।