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बैंगलोर

लंबित रेल परियोजनाओं के राज्य सरकार जिम्मेदार: सोमण्णा

रेल राज्य मंत्री वी. सोमण्णा ने कहा कि कर्नाटक की लंबित रेल परियोजनाओं के लिए राज्य सरकार जिम्मेदार है। राज्य सरकार ने केंद्र सरकार को भूमि आवंटित नहीं की है, इसलिए परियोजनाएं मूर्त रूप नहीं ले पा रही हैं।

बैंगलोरJun 30, 2024 / 04:39 pm

Yogesh Sharma

सर्कुलर रेल नेटवर्क प्रणाली का खाका तैयार

बेंगलूरु. रेल राज्य मंत्री वी. सोमण्णा ने कहा कि कर्नाटक की लंबित रेल परियोजनाओं के लिए राज्य सरकार जिम्मेदार है। राज्य सरकार ने केंद्र सरकार को भूमि आवंटित नहीं की है, इसलिए परियोजनाएं मूर्त रूप नहीं ले पा रही हैं। शहर के जनप्रतिनिधियों के साथ रेल परियोजनाओं की समीक्षा के बाद सोमण्णा ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि बेंगलूरु शहर के लिए 287 किलोमीटर लंबी सर्कुलर रेल नेटवर्क प्रणाली का खाका तैयार किया गया है। 2023 में स्वीकृत इस परियोजना की अनुमानित लागत 23,000 करोड़ रुपए है और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) का काम पहले से ही प्रगति पर है। इस प्रोजेक्ट का कार्य पांच साल में पूरा किया जाएगा। इस मार्ग पर नेडुवंदा, वड्डरहल्ली, देवनहल्ली, मालूर, हिलालिगे, हेज्जाला, सोलूर, नेडुवंदा रेलवे स्टेशनों के बीच बेंगलूरु नगर के प्रमुख स्टेशनों से कनेक्टिविटी दी जाएगी। इसके अलावा बेंगलूरु शहर की रेलवे कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए रेलवे करीब 100 करोड़ रुपए की लागत वाले मास्टर प्लान को लागू कर रहा है।कई परियोजनाओं का काम प्रगति पर
तुमकूरु से आंध्र प्रदेश के रायदुर्ग से पावगढ़, मधुगिरी, तुरुवकेरे, तुमकूरु और चित्रदुर्ग के बीच नई रेल लाइन बिछाने का कार्य जल्द शुरू होगा। इस परियोजना पर 300 करोड़ रुपए खर्च होंगे। सर्कुलर रेल नेटवर्क के लिए भी जल्द ही डीपीआर तैयार की जाएगी। इस पर 23 हजार करोड़ रुपए होंगे। बंगारपेट, दोड्डबल्लापुर, केंगेरी, वाइटफील्ड, चन्नपट्टण, केआरपुरम, रामनगर समेत कई स्टेशनों का अमृत भारत योजना में शामिल कर कायाकल्प किया जाएगा। इस पर 400 करोड़ रुपए खर्च होंगे। उन्होंने कहा कि गत दस वर्ष में हासन-बेंगलूरु 166 किलोमीटर नई लाइन का कार्य किया गया। इस पर 2010 करोड़ रुपए की लागत आई है। यलहंका-देवरापल्ली के बीच 72 किलोमीटर रेल ट्रेक का दोहरीकरण पर 882 करोड़ रुपए खर्च किए गए। बेंगलूरु छावनी और यशवंतपुर स्टेशन के विकास पर क्रमश: 485 करोड़ और 387 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। यह कार्य 2025 तक पूर्ण कर लिया जाएगा।
अमृत भारत योजना के तहत बंगारपेट, दोड्डबल्लापुर, केंगेरी, वाइटफील्ड, चन्नपट्टण, केआर पुरम और रामनगर स्टेशनों पर काम चल रहा है। बेंगलूरु में क्रमश: 208 करोड़ रुपए और 35.41 करोड़ रुपए की लागत से 8 आरओबी और 4 आरयूबी के निर्माण कार्य को मंजूरी दी गई है और निर्माण कार्य प्रगति पर है।

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