बैंगलोर

कर्नाटक सरकार ने अपने कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 3.75 प्रतिशत बढ़ाया

सरकार ने यूजीसी, एआईसीटीई, आईसीएआर पैमाने पर व्याख्याताओं और न्यायिक अधिकारियों के डीए में चार प्रतिशत वृद्धि की भी घोषणा की। इस बढ़ोतरी के बाद राज्य सरकार 1,109 करोड़ रुपये अतिरिक्त खर्च करेगी।

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बेंगलूरु. राज्‍य सरकार ने अपने कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 3.75 प्रतिशत बढ़ाने की घोषणा की। सरकार ने शनिवार को एक आदेश में कहा कि वह महंगाई भत्ते को मौजूदा 35 प्रतिशत से संशोधित कर 38.75 प्रतिशत कर रही है। सरकार ने यूजीसी, एआईसीटीई, आईसीएआर पैमाने पर व्याख्याताओं और न्यायिक अधिकारियों के डीए में चार प्रतिशत वृद्धि की भी घोषणा की। इस बढ़ोतरी के बाद राज्य सरकार 1,109 करोड़ रुपये अतिरिक्त खर्च करेगी।

केएएस के रिक्त पदों पर भर्ती की प्रक्रिया तेज

राज्य सरकार ने विभिन्न विभागों में ए और बी वर्ग के 300 से अधिक उम्मीदवारों को कर्नाटक प्रशासनिक सेवा (केएएस) के पदों पर भर्ती की प्रक्रिया तेज कर दी है। सभी विभागों में भर्ती के लिए वित्त विभाग से अनुमति मिल चुकी है। मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या ने शनिवार को कहा कि सभी विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों को आरक्षण लागू करने और रिक्त पदों की जानकारी देने के निर्देश दिए गए थे। पूरी जानकारी मिलने के बाद भर्ती प्रक्रिया अगले माह के अंत तक खत्म करने के आदेश दिया है। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार की आर्थिक स्थिति सदृढ़ नहीं होने के कारण कई पदों पर नियुक्ति नहीं हुई। उनकी सरकार की आर्थिक स्थिति मजबूत होने पर ही शीघ्र ही अन्य विभागों में रिक्त पदों पर भर्ती होगी।

उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकारी कर्मचारियों पर काम का अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। विभिन्न विभागों में 4.50 लाख से अधिक पद रिक्त हैं। पहले चरण में स्कूलों और कालेजों के शिक्षकों की नियुक्ति को वरीयता दी जाएगी। पदों की भर्ती करने के लिए कर्नाटक लोक सेवा आयोग (केपीएससी) को परीक्षाओं की तैयारी करने का आदेश दिया गया है। राज्य में केएएस के 500 से ज्यादा पद खाली हैं। चार लाख से अधिक उम्मीदवारों ने परीक्षा दी थी। जिनमें कुछ उम्मीदवारों का चयन किया गया था। 2017 में सरकार ने विभिन्न विभागों में रिक्त पदों की भर्ती के लिए अधिसूचना जारी की थी। नियुक्ति को लेकर कुछ उम्मीदवारों ने उच्च न्यायालय और फिर उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी थी। उच्चतम न्यायालय ने रोस्टर प्रणाली पर नियुक्ति का आदेश दिया है।

उन्होंने कहा कि पिछले एक दहाई में केवल चार बार पदों की भर्ती की गई। साल 2011 मे 362, साल 2014 में 464, साल 2015 में 428 और साल 2017 में 106 भर्तियां हुई थीं। केपीएससी के सचिव विकास किशोर ने पदों की भर्ती से संबंधित 27 फरवरी 2023 को डीपीएआर के सचिव महेश को पत्र लिखा था कि भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार हर साल रिक्त पदों की भर्ती करेगी और हर साल पद भरे जाएंगे।

Published on:
22 Oct 2023 01:00 am
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