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सास-बहू के रिश्तों में बनी रहे मिठास

निकिता, दीप्ति ने संयुक्त परिवार की महत्ता बताई।
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vijayanagar

सास-बहू के रिश्तों में बनी रहे मिठास

बेेंगलूरु. अखिल भारतीय तेरापंथ महिला मंडल के तत्वावधान में विजयनगर में सास-बहू सम्मेलन साध्वी मधुस्मिता के सान्निध्य में आयोजित किया गया।

सम्मेजन में उपाध्यक्ष प्रेमबाई भंसाली, संतोष देवी, मोनू पटवारी ने अपने संस्मरण सुनाए। राजूबाई, संतोष पारख, निकिता, दीप्ति ने संयुक्त परिवार की महत्ता बताई।

साध्वी स्वस्थ प्रभा ने सम्म्ेलन में कहा कि सास-बहू के रिश्तों में मिठास बनी रहे। इसके लिए गुरुदेव तुलसी ने महिलाओं को सहिष्णुता रूपी संससार का सबसे उत्तम सूत्र प्रदान किया है।

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संसार में दुख ही दुख
बेंगलूरु. बसवनगुड़ी स्थित विमलनाथ जैन मंदिर में साध्वी प्रियरंजनाश्री ने कहा कि संसार ही दुखों का एकमात्र स्थान है। संसार में दुख ही दुख हैं। सुख तो केवल काल्पनिक है। यह संसार कैसा बेवफा है। अर्थात विश्वास करने लायक नहीं है।

क्योंकि क्षणिक है। जो क्षणिक हो उसका विश्वास क्या करना। विश्वास करने से लाभ भी क्या है। जबकि हर वस्तु जिस पर मोह रखा जए, नष्ट हो जाती है। या उसका वियोग जो जाता है।

अत: समझदार व्यक्ति किसी के मोह में नहीं फंसता है। उन्होंने कहा कि आखों से देखी जाने वाली सब वस्तुएं नाशवान हैं।

जीवन को बिजली की आभा के समान माना है।साध्वी ने कहा कि सांसारिक पदार्थों का कितना भी भोग किया जाए उससे तृप्ति नहीं होती है। अपितु लालसाएं बढ़ती जाती हैं।