
बेंगलूरु. कोविड से मौत के बाद दाह संस्कार तो हो गया। लेकिन, एक हजार से ज्यादा शवों की अस्थियां विसर्जन के लिए अपनों के इंतजार में है। तमाम प्रयासों के बावजूद सरकार परिजनों से संपर्क नहीं कर सकी है। कारण, लोगों के मोबाइल फोन बंद हैं। अब सरकार ने अस्थियां विसर्जित करने की बीड़ा उठाया है।
राजस्व मंत्री आर. अशोक ने शुक्रवार को बताया कि विभिन्न कारणों से परिजन राख लेने नहीं पहुंचे हैं। इसलिए, परंपरा के अनुसार सरकार ने अस्थियां विसर्जित करने का निर्णय लिया है।
नहीं घटी जांच दर
अशोक ने कहा कि दैनिक जांच को लेकर विपक्ष बार-बार सरकार पर हमला बोल रही है। सरकार ने जांच दर कम नहीं की है। जिलाधिकारियों को गांवों में ज्यादा से ज्यादा जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। ग्रामीणों की मदद के लिए सरकार ने मोबाइल क्लिनिक की व्यवस्था की है। कोरोना जांच व उपचार घर पर ही हो सके इसके लिए स्वास्थ्यकर्मियों को पीपीइ किट और जरूरी दवाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
स्टेरॉयड के इस्तमाल पर दिशा-निर्देश जल्द
ब्लैक फंगस के बढ़ते मामलों पर अशोक ने कहा कि स्टेरॉयड का अंधाधुंध इस्तेमाल ब्लैक फंगस के बढऩे का कारण है। स्टेरॉयड के उपयोग को लेकर सरकार जल्द ही दिशा-निर्देश जारी करेगी।
उन्होंने बताया कि लीपोजोमल एम्फोटेरिसिन-बी टीके के बारे में उन्होंने केंद्रीय मंत्री सदानंद गौड़ा से बात की है। केंद्र सरकार शनिवार को 10 हजार वायल भेज रही है।
उन्होंने कहा कि राज्य में रेमडेसेविर इंजेक्शन की भी कमी नहीं है। पहले प्रतिदिन 18 से 20 हजार वायल की जरूरत पड़ रही थी। अब रोजाना करीब 5000 वायल की ही मांग आ रही है। ऑक्सीजन वाले बिस्तरों की मांग भी घटी है।
Published on:
22 May 2021 06:48 pm

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