मुनि वृन्द का विहार
बेंगलूरु. मुनि अर्हतकुमार तेरापंथ सभा भवन गांधीनगर में चातुर्मास संपन कर श्रावकों की रैली के साथ नवरत्न, विनोद गादिया के यहां नेहरू नगर पहुंचे। विहार के मध्य मुनि ने गुरु राजा कल्याण मंडप में श्रद्धालुओं को संबोधित किया। मुनि ने कहा जन-जन मेें जागृति का शंखनाद करने के लिए नगर-नगर, ग्राम-ग्राम में संत विचरण करते है। संतों का आना और जाना दोनों हितकारी होता है। क्योंकि जैसे नदी बहती रहती है जहां से गुजरती है वहां आसपास सरसब्ज बना लेती है। वैसे ही संतों का आना और जाना नवजागृति का कार्य करता है। बेंगलूरु की धरा फूलों से भरी हुई है। इस धरा पर अनेक किस्म के फूल खिलते हंै। वैसे ही संतों की वाणी से जनजीवन के हृदय में कमल खिल उठते हैं। उन्होंने कहा प्रदेशी राजा की तरह आपका जीवन रमणीय बने। हर कार्यकर्ता एक दूसरे का पूरक बनकर धर्मसंघ की प्रभावना करे। संघे शक्ति कलौ युगे इस सूक्त में रखते हुए संगठन की शक्ति को पहचानें। देव गुरु धर्म के प्रति पूर्ण आस्थावान बनकर अपने मन निरंतर श्रद्धा से आप्लावित करते हुए स्व का कल्याण करें।
मुनि भरतकुमार ने कहा- आपने चातुर्मासीक काल में ज्ञान का अर्जन किया है उसको फलवान बनाने की कोशिश करें। मुनि जयदीपकुमार ने विचार व्यक्त किए। सभा अध्यक्ष कमलसिंह दुग्गड़, महिला मंडल अध्यक्ष स्वर्णमाला पोखरणा, नवरत्न गादिया, जितेंद्र घोषल ने विचार व्यक्त किए। संचालन संगठन मंत्री धर्मेश कोठारी ने किया।