
शिवमोग्गा. आदिनाथ जैन श्वेतांबर मूर्तिपूजक संघ की ओर से शहर के गांधी बाजार रोड पर निर्मित आदिनाथ भगवान की प्राण प्रतिष्ठा एवं जैन मंदिर का उद्घाटन किया। प्रतिष्ठा के मौके पर मंदिर परिसर में श्रध्दालुओं की अपार भीड़ रही। मंत्रोच्चार व जयकारों के बीच विधि-विधान के साथ प्रतिष्ठा की गई।आचार्य विजयमहासेनसूरीश्वर, पन्यास आगमशेखरविजय की निश्रा में आदिनाथ भगवान की प्राण प्रतिष्ठा एवं जैन मंदिर का उद्घाटन हुआ। उद्घाटन के बाद आचार्य ने धर्मसभा को मंदिर और प्राण प्रतिष्ठा का महत्व बताया। उन्होंने कहा कि किसी भी मूर्ति की स्थापना के समय प्रतिमा में परमात्मा को जीवित करने की विधि को प्राण प्रतिष्ठा कहा जाता है। आवश्यक है कि प्राण प्रतिष्ठा के समय जो हर्ष और उल्लास दिखाई दे रहा है, वह दैनिक पूजा-प्रार्थना में भी बना रहे। धर्म हमारे जीवन व आचरण का हिस्सा बने और जीवन का हर पल, भक्ति से भरपूर, अहिंसामय हो जाए।
उन्होंने कहा कि सभी तीर्थंकरों का मूल संदेश अहिंसा है। इसलिए हमें देखना चाहिए कहीं हम हम किसी की भावनाओं को आहत तो नहीं कर रहे। अहिंसा व मैत्री ही धार्मिक होने की पहचान है।मालूम हो कि आदिनाथ भगवान की प्रतिष्ठा एवं जैन मंदिर के उद्घाटन के उपलक्ष्य में 8 फरवरी से ही विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान प्रारंभ किए गए थे। कार्यक्रम में न केवल शिवमोग्गा शहर बल्कि आसपास के शहरों से भी जैन समाज के लोगों ने बड़े उत्साह से भाग लिया था। मंगलवार को सुबह मुख्य द्वार का उद्घाटन किया जाएगा।
Published on:
19 Feb 2024 09:05 pm
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