
माटी से दूर माटी की सुगंध बरकरार
बेंगलूरु. सूर्यनगरी एवं ब्लू सिटी के नाम से देश भर में विख्यात जोधपुर गुरुवार को अपना 56४ वां स्थापना दिवस मनाएगा। इसको लेकर बेंगलूरु एवं अन्य शहरों में रहने वाले जोधपुर के प्रवासियों में खुशी का माहौल है। हमने यहां जोधपुर एसोसिएशन के पदाधिकारियों से चर्चा की तो उन्होंने अपने अनुभव कुछ इस प्रकार से साझा किए। जोधपुर के प्रवासियों का कहना है कि कला, संस्कृति, पर्व, त्योहार] रहन-सहन, खानपान, रीति रिवाज समेत तमाम पहलुओं पर नजर डाली जाए तो जोधपुर की अपने आप में अलग पहचान है। जोधपुर एसोसिएशन के अध्यक्ष अशोककुमार व्यास ने कहा कि कर्म भूमि बेंगलूरु और जन्मभूमि जोधपुर (राजस्थान) दोनों के बीच पिछले 3२ वर्षों से अद्भुत तालमेल कायम है। आज भी जोधपुर की माटी की सुगंध हमें निरंतर आह्वान करती है और हम जोधपुर-बेंगलूरु के विकास के लिए सतत प्रयत्नशील है।
कोरोना से उत्पन्न विषम हालातों पर पदमराज मेहता और मंत्री सज्जनराज मेहता ने बताया कि राजस्थान का प्रमुख शहर जोधपुर सूर्यनगरी के नाम से विख्यात है साथ ही अपने नीले घरों के लिए विश्व में पहचान रखता है। इसलिए इसे ब्लू सिटी भी कहा जाता है। यह शहर अपनी राजस्थानी संस्कृति भव्य महलों के लिए पर्यटन की दृष्टि से विश्व में पहचान रखता है। इसके अलावा जोधपुर की एक और खास चीज है जो पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करती है वह है यहां के लजीज व्यंजन, जोधपुरियों की जोधपुरी मुसाहिबी, अपनत्व, मीठी बोली किसी को भी मोहित कर लेती है। क्योंकि बेंगलूरु में संगम स्थली जोधपुर एसोसिएशन वर्ष के तीन स्नेह मिलन, होली, दिवाली और गणेश चतुर्थी, संवत्सरी स्नेह मिलन तथा चौथी हल्दी गोठ का हर सदस्य को बेसब्री से इंतजार रहता है
जोधपुरी लजीज व्यंजन
जोधपुर के लजीज व्यंजनों में गुलाब जामुन, तवापुरी, माखन बड़ा, रबड़ी के लड्डू जैसी मिठाइयां, मखनिया लस्सी, कबूली नमकीन, मिर्ची बड़ा, कचोरी, नरगिसी कोफ्ते आज भी मुंह में पानी ला देते हैं।
यह भी है विशेषता
दो ब्रेड के बीच में मिर्ची बड़ा दबा के खाना यहां का खास ब्रेकफास्ट है। मिठाई की दुकान पर खड़े-खड़े आधा किलो गुलाब जामुन खाते हुए जोधपुर में सहज ही किसी को भी देखा जाना आम है। गर्मी से बचाव के लिए चूने में नील मिला कर घर को पोतने का रिवाज सिर्फ और सिर्फ जोधपुर में ही है। बैंत मार गणगौर जैसा त्योहार सिर्फ जोधपुर में मनाया जाता है, जिसमें पूरी रात सडक़ों पर महिलाओं का राज चलता है। किसी भी काम को सीधे मना करने की आदत किसी भी "जोधपुर वालों" की नहीं होती। यहां फास्ट फूड के नाम पर पिज्जा-बर्गर से ज्यादा मिर्ची बड़ा और प्याज की कचौरी ज्यादा पसंद की जाती है। यहां कहा जाता है कि जोधपुर में अखबारों से भी ज्यादा मिर्ची बड़े के बिक्री होती है। जोधपुर के ऑटोरिक्शा अपनी विशेष साज-सज्जा के लिए दुनिया भर में मशहूर है।
पिछले 31 वर्षों से जोधपुर एसोसिएशन को अशोक व्यास और सज्जनराज मेहता के अलावा अपने संरक्षक धीरेंद्रकुमार सिंघी, पदमराज मेहता, उपाध्यक्ष राजेन्द्रकुमार सिंघी, सहमंत्री, चेतनराज भण्डारी, जितेन्द्र दुगड़, प्रशांत सिंघी तथा कोषाध्यक्ष देवेन्द्र कोठारी का सहयोग मिल रहा है। मेहता ने बताया कि जन्मभूमि जोधपुर से लगाव सदा कायम रहेगा।
मानद मंत्री सज्जनराज मेहता ने बताया कि पूरे देश के जोधपुरियों में ईद के दौरान घटी अप्रिय घटना से शांति एवं सोहाद्र के लिए जाना जाने वाले जोधपुर की प्रतिष्ठ को आघात लगा है। जोधपुरवासी आपसी प्रेम व भाई चारे का जोधपुरियों में जनचेतना जागृत करें। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में जोधपुर शांत बना रहे यही कामना करते हैं।
Published on:
12 May 2022 07:32 am

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