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वीतराग का अर्थ है-अपने घर में प्रवेश-साध्वी डॉ गवेषणाश्री

धर्मसभा का आयोजन

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वीतराग का अर्थ है-अपने घर में प्रवेश-साध्वी डॉ गवेषणाश्री

वीतराग का अर्थ है-अपने घर में प्रवेश-साध्वी डॉ गवेषणाश्री

बेंगलूरु. तेरापंथ युवक परिषद बेंगलूरु की ओर से गांधीनगर के सभाभवन में साध्वी डॉ. गवेषणाश्री के सान्निध्य में वीतराग पथ कार्यशाला का आयोजन किया गया। स्वागत अध्यक्ष प्रदीप चोपड़ा ने दिया।

साध्वी डॉ.गवेषणाश्री ने कहा कि वीतराग का अर्थ है-अपने घर में प्रवेश। आत्मा को बाहर जाने के पांच रास्ते हैं- आंख, कान, जीभ, नाक और त्वचा। ये बाहर की दुनिया में पहुंचाने के द्वार हैं। वीतराग पथ पर बढ़ना है तो सबसे पहले इन पांचो दरवाजों को बंद करना होगा। साध्वी मयंकप्रभा ने कहा-जब तक चेतना का रूपांतरण नहीं होता जब तक जीवन में बदलाव असंभव है। राग और द्वेष जब शांत होते हैं उसके परमाणु कमजोर पड़ते हैं तब व्यक्ति के भीतर हलचल पैदा होती है,उस हलचल का मंथन है वीतरागता।साध्वी मेरुप्रभा ने मंच संचालन किया। आभार ज्ञापन कोषाध्यक्ष पवन चोपड़ा ने जताया।

तालाब में डूबने से व्यक्ति की मौत
मंड्या. मलवल्ली में तालाब में डूबने से व्यक्ति की मौत हो गई। मलवल्ली ग्रामीण थाना पुलिस के अनुसार केतणहल्ली गांव निवासी शिवन्ना (43) मंगलवार दोपहर को परिजनों को बताकर गांव के समीप तालाब पर मछली पकड़ने गया था। मछली पकडते समय तालाब में गिरने से मौत हो गई। शाम तक घर नहीं लौटने पर परिजन तालाब पर पहुंचे और नही मिलने पर पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने गोताखोरों की मदद शव को बाहर निकालकर परिजनों को सौंपा।

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